मेरठ 24 फरवरी (प्र)। कपड़ा कारोबारी के परिवार के 6 लोग जिंदा जल गए। इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे हैं। कारोबारी सोमवार की देर शाम नमाज पढ़ने गया था, तभी दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। उस वक्त घर में 2 महिलाएं और 5 बच्चे थे। सभी लपटों में फंस गए।
लोगों ने धुआं उठते देखा तो पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी। मकान तक जाने वाली गली संकरी है। इसलिए फायर ब्रिगेड टीम पड़ोसी की छत से मकान तक पहुंची।
30 मिनट तक पूरा परिवार लपटों के बीच फंसा रहा। टीम ने सामने वाले मकान से सीढ़ी लगाकर लोगों को बाहर निकाला। कारोबारी की मां और पड़ोसी गंभीर रूप से झुलसे हैं। दोनों का इलाज चल रहा है। इस घटना से इलाके में मातम छा गया है। अस्पताल में मोहल्ले के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
पुलिस की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस में लीकेज के चलते आग लगी है।
घटना लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र के सुराही वाली मस्जिद स्थित गली नंबर 1 किदवई नगर की है। सोमवार देर शाम कपड़ा कारोबारी इकबाल उर्फ आसिम अपने भाई फारुख के साथ नमाज पढ़ने मस्जिद में गए थे। घर में इकबाल की पत्नी रुखसार (30 साल), मां अमीर बानो (55 साल) और 5 बच्चे महविश (12), हम्माद (4 साल), अद्दस (3) , नाबिया (6 माह), इनायत (6 माह) थीं।
बच्चे खेल रहे थे, महिलाएं खाना बना रही थीं। तभी अचानक आग लग गई। पड़ोसियों ने घर से आग की लपटें उठते देखा तो शोर मचाया। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची। सीढ़ी लगाकर लोग घर के भीतर पहुंचे और महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला गया।
तत्काल सभी को राजधानी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां रुखसार और 5 बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। नाबिया और इनायत इकबाल-रुखसार की जुड़वां बेटियां थीं। जबकि फारुख की बेटी महविश और बेटे हम्माद की हादसे में जान गई। फायर ब्रिगेड की टीम करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा पाई।
मकान मालिक इकबाल मस्जिद में थे, जब उनके मकान में आग लगी। शोर मचने पर वे भी मौके पर पहुंचे। वे फूट-फूटकर रोने लगे। लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
इकबाल कपड़े तैयार कराते हैं। ऑर्डर पर और दूसरे शहरों में लगने वाली एग्जिबिशन में उन्हें सेल करते हैं। घर में बड़ी मात्रा में कपड़ा मौजूद था।
