Monday, April 15

रंग लाई मेहनत: टनल में फंसे मजदूरों को निकालने की प्रक्रिया शुरू, अब तक 15 श्रमिकों को न‍िकाला बाहर 

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उत्तरकाशी 28 नवंबर। चारधाम ऑलवेदर परियोजना की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों की जिंदगी बचाने के लिए बचाव अभियान आज सफल हुआ। उत्तरकाशी टनल हादसे में 17वें दिन बड़ी सफलता मिली है। आखिरकार टनल में फंसे 41 मजदूरों को सही सलामत बाहर निकालने का काम आखिरी पड़ाव पर है। मजदूरों के परिवार वालों के चेहरे पर खुशी की लहर है। सभी ने अपनों के स्वागत की तैयारी कर ली है।

अबतक 15 श्रमिकों को बाहर न‍िकाला गया है। बताया गया कि बचाव टीम को 57 मीटर पर मिला ब्रेकथ्रू। मुख्य सुरंग के भीतर चिकित्सकों की टीम श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह और मुख्यमंत्री पुष्‍कर स‍िंह धामी बाहर निकाले गए श्रमिकों से बातचीत कर रहे हैं।

टनल से बाहर निकाले जा रहे मजदूरों के लिए बाहरी भाग में गद्दे लगाए गए। उन पर बाहर निकालने के बाद उन गद्दों पर रखा गया। वातावरण के अनुकूल मजदूरों की बॉडी को तैयार करने के बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मजदूरों के बॉडी टेंपरेचर और स्वास्थ्य की स्थिति की जांच के लिए मेडिकल टीम भी सुरंग के अंदर मौजूद है।

41 श्रमिकों को उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग से बाहर निकलने के बाद चिकित्सा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ लाया जाएगा। यहां पर पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। जैसे-जैसे श्रमिक बाहर आ रहे हैं, वैसे-वैसे अस्पताल में हलचल बढ़ गई हैं।
चिकित्सा सेवाओं को लेकर ऋषिकेश एम्स अलर्ट मोड पर रखा गया है। यहां ट्रॉमा सेंटर सहित 41 बेड का वार्ड तैयार किया गया है। ट्रॉमा सर्जन सहित हृदय एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी तैनात की गई है। ऋषिकेश एम्स के हेलीपैड पर एक साथ तीन हेलीकॉप्टर उतारे जा सकते हैं। गंभीर हालत वाले श्रमिकों को हवाई मार्ग से ऋषिकेश एम्स पहुंचाया जाएगा।

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