Tuesday, May 28

शुगर की बीमारी से होने वाले नुकसान से बचना है तो दिन में दो घंटे अपने लिए निकालकर व्यायाम करें साईकिल चलाएं पैदल घूमें

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मधुमेह शुगर से वर्तमान में बताते हैं कि काफी संख्या में लोग पीड़ित हैं और इनकी संख्या समाज में 60 प्रतिशत तक हो सकती है। मधुमेह को लेकर लोगों में कई चर्चाएं व्याप्त रहती है। डॉक्टर भी इसके नाम पर कभी डराने की कोशिश में पीछे नहीं रहते जबकि वर्तमान समय में जो इससे पीड़ित है उनमें से ज्यादातर खुद भी डरे रहते हैं जो शुगर बढ़ने का मुख्य कारण भी बन जाता है। कुछ लोगों का कहना है कि मीठा शुगर बढ़ाता है तो कुछ कहते हैं कि मीठा ही शुगर का कारण नहीं है। लेकिन मैदा चीनी जैसे खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो ज्यादा खाए जाने से यह बीमारी काफी बढ़ने लगती है। मुझे 40 साल से शुगर है। जब पता चली तो मेरी उम्र तीस साल थी। मुझे शुगर साढ़े तीन सौ बताई गई। मैं सात किलोमीटर बिना रूके दौड़ लगाता था। मजदूरी करता था तो शारीरिक काम भी खूब करता था। फिर भी शुगर हो गई। पिछले चालीस साल में जितना महसूस किया उससे यह लगा कि चिंता चिता समान वाकई में शुगर बढ़ने का एक मुख्य कारण हो सकता है। जितने लोगों को शुगर बढ़ने की बात सुनाई देती है मुझे लगता है कि उनके परिवार में या तो आपसी कलह या परिवार में तनाव अघोषित शीतयुद्ध भी शुगर का मुख्य कारण बनता है। सबसे जरूरी है कि हमें मोटापा सबसे पहले कम करना होगा। नियमित खानपान संतुलित भोजन के साथ ही व्यायाम पैदल घूमना साईकिल चलाना हमें शुगर से भले ही बचा ना पाए लेकिन इससे जो आंखों और किडनी व हडिडयों को अघोषित किलर की भांति यह नुकसान पहुंचाती है उससे आदमी आसानी से बच सकता है। मेरा मानना है कि जो लोग इन बातों का ध्यान रखते है समय समय पर चिकित्सक से सलाह लेते रहें। जो चीजें इसमें नुकसान देती हैं या दोबारा पकाकर खाने से उनमें दोष उत्पन्न हो जाते हैं उनसे हम बचें। तो मैं यह तो नहीं कहता कि आप शुगर की बीमारी से मुक्त हो जाएंगे लेकिन आप पूरा जीवन निरोगी व्यक्ति के रूप में जी सकते हैं। शुगर जैसी बीमारियां होंगी तो मगर अपना असर नहीं दिखा पाएंगी। इसके उदाहरण के रूप में हम सौ साल से ऊपर जीवन यापन कर रहे लोगों की दिनचर्या आदि को फॉलो कर सकते है। कहने का आशय इतना है कि हम जागरूक रहेंगे तो सबकुछ खाएंगे। जिंदा भी रहेंगे। बीमारी बनी रहेगी लेकिन अपना प्रभाव नहीं दिखा पाएगी। दिन में दो घंटे अपने लिए निकालकर पैदल घूमे साईकिल चलाएं और दादी नानी के नुस्खों को अपनाकर अपना जीवन हम सुरक्षित कर सकते हैं।
सबसे बड़ी बात है कि हडिडयों किडनी आंखों को क्षति इससे पहुंचे इससे पहले ऊपर दिए गए कार्यों को करने के साथ हर हाल में डॉक्टर की सलाह लेना ना भूलें।

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