Sunday, June 23

मेरठ-बड़ौत मार्ग का नहीं होगा चौड़ीकरण, दो लेयर में बनेगी सड़क

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मेरठ 03 मई (प्र)। मेरठ-बड़ौत मार्ग का चौड़ीकरण नहीं होगा। क्योंकि ये मार्ग पहले से ही 7 मीटर चौड़ा हैं। इसका पुन: निर्माण करने के लिए 17 करोड़ रुपये शासन से आचार संहिता लागू होने से पहले ही अवमुक्त कर दिये गए थे, मगर पीडब्ल्यूडी टेंडर नहीं कर सका। अब जिस दिन आचार संहिता हटेगी, उसी दिन इसका टेंडर खुल जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया आचार संहिता लागू होने से पहले लागू कर दी गई, सिर्फ टेंडर ओपन नहीं हुआ था। इसी वजह से इस पर काम चालू नहीं हो सका।

अब आचार संहिता हटने तक जनता को क्षतिग्रस्त सड़क से ही चलना पड़ेगा। मेरठ-बड़ौत मार्ग लंबे समय से क्षतिग्रस्त चल रहा हैं। जनता परेशान हैं। क्षतिग्रस्त सड़क के चलते लोगों को या तो बागपत होकर मेरठ आना पड़ रहा है या फिर बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग होकर करनाल हाइवे से मेरठ पहुंचना पड़ता हैं। लोग मजबूरी में ही बड़ौत-मेरठ मार्ग से आते हैं। क्योंकि ये सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गयी हैं, जिससे सड़क हादसे भी हो रहे हैं। पहले ये चर्चा भी हुई थी कि मेरठ-बड़ौत मार्ग का चौड़ीकरण होगा, लेकिन इसे शासन ने अस्वीकृत कर दिया।

तर्क ये दिया कि मेरठ-बड़ौत मार्ग पहले से ही सात मीटर चौड़ा हैं। मेरठ-बागपत मार्ग भी सात मीटर चौड़ा हैं, इसलिए इसकी चौड़ाई नहीं बढ़ाई जा सकती। अब शासन ने मेरठ-बड़ौत मार्ग को दो लेयर में बनाने के लिए 19.96 करोड़ की स्वीकृति की थी। इसमें सड़क शानदार बनेगी। दो लेयर में बनेगी। नये सिरे से सड़क का निर्माण किया जाएगा। क्योंकि इससे भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा है, जिसके चलते इस सड़क को दो लेयर में मजबूत बनाकर चला जाएगा। पीडब्ल्यूडी के एई राहुल कुमार ने बताया कि मेरठ-बड़ौत मार्ग का निर्माण लखवाया से हिंडन तक किया जाएगा।

ये करीब 24 किलोमीटर का मार्ग बैठता हैं। लखवाया से मेरठ बाइपास तक आरसीसी की सड़क का निर्माण कराया जा चुका हैं। इसी वजह से इसका निर्माण लखवाया से किया जा रहा हैं। हिंडन नदी से पहले तक मेरठ जनपद की सीमा पड़ती हैं, वहीं तक इस सड़क का निर्माण किया जाएगा। उससे आगे बागपत जनपद की सीमा चालू हो जाती हैं। बागपत की सीमा में पीडब्ल्यूडी बागपत अपना प्रस्ताव बनाकर भेजेगी, तब जाकर आगे का निर्माण संभव हो सकेगा।

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