Friday, March 1

अब नौवीं से 12वीं तक चार कक्षाओं में होगी आठ परीक्षा

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मेरठ 07 फरवरी (प्र)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सत्र 2024 25 से सीबीएसई की ओर से लागू किया जा रहा है। कक्षा आठवीं तक की व्यवस्था को धीरे-धीरे लागू करने के बाद अब इस वर्ष से कक्षा नौवीं से 12वीं तक सेमेस्टर व्यवस्था को लागू किया जाएगा। चारों कक्षाओं में आठ परीक्षाएं होंगी। पाठ्यक्रम व सत्र को अप्रैल से सितंबर और अक्टूबर से मार्च तक में विभाजित किया जाएगा। अब स्कूलों को विस्तृत दिशा-निर्देश का इंतजार है जो वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा के दौरान या तुरंत बाद जारी हो सकता है। सीबीएसई के साथ ही यही व्यवस्था सभी केंद्रीय शिक्षा बोर्ड और यूपी बोर्ड सहित तमाम राज्य बोर्ड में भी लागू होगी।

फेल होने पर दूसरे सेमेस्टर संग होगी परीक्षा
सेमेस्टर व्यवस्था में विद्यार्थी एक वर्ष में दो परीक्षा देंगे। कोई परीक्षार्थी यदि प्रथम सेमेस्टर के किसी विषय में फेल होता है तो उसे द्वितीय सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा के साथ प्रथम सेमेस्टर के फेल विषय की परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। दोनों सेमेस्टर में आधा-आधा सिलेबस पढ़ाया जाएगा। प्रथम सेमेस्टर के सिलेबस से दूसरे सिलेबस में प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे।

फेल होने पर दोबारा पढ़ना होगा
प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा आठवीं तक यदि कोई बच्चा किसी कक्षा में फेल होता है तो उसे दोबारा उसी कक्षा में पढ़ना होगा। कक्षा तीन, पांच व आठवीं स्तर पर बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर परीक्षा कराने पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सीबीएसई ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीन, पांच व आठवीं के बच्चों की आनलाइन परीक्षा पिछले वर्ष कराई थी लेकिन उसका परिणाम अभी जारी नहीं किया गया है।

मातृ भाषा में पढ़ाई को करना होगा इंतजार
मेरठ स्कूल सहोदय कांप्लेक्स के अध्यक्ष राहुल केसरवानी के अनुसार एनईपी – 2020 में प्रारंभिक शिक्षा यानी पांचवीं तक की शिक्षा मातृ भाषा में कराए जाने का प्रावधान रखा गया है। ऐसा होने पर उत्तर प्रदेश के हर स्कूल में पांचवीं तक हिंदी में पढ़ाई होगी। यह व्यवस्था इस सत्र में लागू नहीं की जा रही है। इसे लागू करने में समय लग सकता है।

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