Sunday, June 23

21 साल से कम लोगों को नहीं मिलेगी शराबः आबकारी मंत्री

Pinterest LinkedIn Tumblr +

लखनऊ 05 दिसंबर। शराब पीने को लेकर पाबंदी नहीं लगाई गयी है लेकिन कुछ खास उम्र के लोगो को नहीं मिलेगी शराब, नाही ही उनके सामने परोसी जाएगी शराब, यह सख्त आदेश, उत्तर प्रदेश के आबकारी मंत्री ने कड़े निर्देशों के साथ जारी किया है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी विभाग की प्रवर्तन टीमों को हिदायत देते हुए, इस पर नजर रखने को कहा है। आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 21 साल के कम उम्र वालों को बार और मदिरा की दुकानों पर शराब परोसने व देने पर कड़ाई से रोक लगाई जाए।

विधानसभा सदन में यह मुद्दा उठने के बाद अब आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात उठी है। समीक्षा बैठक के दौरान आबकारी विभाग से करीब 50 हजार करोड़ रुपये की राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया गया। इसको पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को अपना काम ईमानदारी से करने को कहा गया। विभागीय समीक्षा बैठक में आबकारी मंत्री ने राजस्व वसूली में पिछड़े 11 जिलों के आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। इनमें महोबा, संभल, हमीरपुर, औरैया, मैनपुरी, इटावा, झांसी, अमेठी, मुरादाबाद, बागपत व कानपुर नगर शामिल हैं।

अग्रवाल ने कहा कि शराब की तस्करी पर विशेष निगाह रखी जाए। इसके लिए जीएसटी एवं पुलिस विभाग के अफसरों से सहयोग लिया जा सकता है। किसी भी हालत में जहरीली शराब की बिक्री न होने पाए। उन्होंने कहा कि इससे सरकार और विभाग दोनों की छवि धूमिल होती है। आबकारी मंत्री ने कहा कि नवम्बर तक प्रदेश को ₹27,340.97 करोड़ का आबकारी राजस्व मिला है। पिछले साल नवम्बर तक 24,958.50 करोड़ का राजस्व आया था। पिछले साल की तुलना में इस साल अभी तक 2,382.47 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व आया है।

बैठक में सामने आया कि कानपुर में राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष बढ़ोतरी का स्तर ठीक नहीं है। उपआबकारी आयुक्त को इसकी समीक्षा करते हुए 15 दिन के अन्दर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। कहा कि बागपत में हरियाणा की सीमा से लगी दुकानों की नियमित समीक्षा करें, यदि उक्त दुकानों का असर प्रदेश के राजस्व पर पड़ रहा है तो उन्हें स्थानांतरित करने के लिए हरियाणा के अधिकारियों से अनुरोध करें।

इसी प्रकार सहारनपुर के बॉर्डर पर भी दुकानों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने तस्करी की रोकथाम के लिए आगरा, मथुरा, गौतमबुद्ध नगर, बागपत, सहारनपुर एवं शामली में चेक पोस्ट स्थापित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा आगरा, मथुरा, लखनऊ हाईवे से बुंदेलखंड हाईवे से मीरजापुर होते हुए सोनभद्र के रास्ते होने वाली शराब की तस्करी पर विशेष निगाह रखी जाए।

Share.

About Author

Leave A Reply