मेरठ 26 फरवरी (प्र)। शहर में मेट्रो के संचालन के बाद पुलिस के लिए मेट्रो स्टेशनों के आसपास यातायात और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखना भी चुनौती है। इससे निपटने के लिए मेट्रो के 11 स्टेशनों पर पुलिस चौकी बनाई जाएंगी। इसके अलावा मोदीपुरम में एक थाना बनाया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि ये पुलिस चौकियां आरआरटीएस बनाकर देगा। इसके बाद यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। यहां महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त होगी। फिलहाल संबंधित थाना पुलिस को हर स्टेशन पर पुलिसकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली और नोएडा में मेट्रो स्टेशन के बाहर कई बार यात्रियों से लूटपाट व महिलाओं से छेड़छाड़ की घटना हो चुकी हैं। यहां तक कि ई रिक्शा व ऑटो चालक पर भी महिलाओं सवारियों को बुलाने के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले सामने आए हैं। अब मेरठ में मेटो संचालन के दौरान हर स्टेशन पर न केवल यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है बल्कि ई रिक्शा और ऑटो रिक्शा भी यहां खड़े होने लगे हैं। इससे यहां जाम के हालात बनते हैं। इसके चलते पुलिस सुरक्षा और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी है जब तक पुलिस चौकियां तैयार नहीं होती पुलिस ने अस्थायी रूप से यहां पुलिसकर्मियों के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस चौकियों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी जाएगी।
स्टेशन पर यूपीएसएसएफ और ट्रेन में दिखे दो कर्मी
मेट्रो और स्टेशनों की सुरक्षा परखने के लिए शताब्दीनगर से बेगमपुल तक सफर किया गया। मेट्रो स्टेशन पर यूपीएसएसएफ के जवान तैनात थे। सुरक्षा के मद्देनजर यह लोगों को सुरक्षाकर्मियों की फोटो व वीडियो बनाने से रोक रहे थे। दिल्ली-नोएडा मेट्रो की ही तरह चेकिंग कर ही सामान और यात्रियों को प्रवेश दिया जा रहा था। ट्रेन के सफर के दौरान भी यात्रियों की मदद के लिए निजी कंपनी के कर्मचारी तैनात थे।
तकनीक से भी सुरक्षा का बंदोबस्त
ईसीएस मेट्रो में ईसीएस (इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम) उपलब्ध है। यह यात्रियों को आपात स्थिति में ड्राइवर या कंट्रोल रूम से सीधे संपर्क करने की सुविधा देता है।
हर कोच में टॉक-बैक सिस्टम है। इनमें अलार्म और अग्निशमन यंत्र लगे हैं। मेट्रो में तैनात सुरक्षाकर्मी इसकी मदद से मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हैं। पीएसडीपीएसडी (प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर) यह दुर्घटनाओं को रोकता है। मेरठ के स्टेशनों पर दिल्ली-नोएडा के मेट्रो स्टेशनों से बेहतर पीएसडी लगाया गया है। यह न केवल दुर्घटना बल्कि आत्महत्या की घटनाओं पर भी रोक लगाता है।
एसपी यातायात राघवेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि आरआरटीएस जल्द पुलिस चौकियाँ बनाकर देगा। इसके बाद यहां अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। फिलहाल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए हर प्वाइंट पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के अनुसार जब तक चौकिया और थाना नहीं बन जाता तब तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए संबंधित थाना पुलिस को पुलिसकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। सभी मेट्रो स्टेशन के हर गेट पर पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
