Friday, March 1

रजिस्ट्री घोटाला : एक साल की रजिस्ट्री की पड़ताल में खुलासा, 100 से ज्यादा फर्जी स्टांप मिले

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मेरठ 25 जनवरी (प्र)। मेरठ जिले में करोड़ों रुपये के रजिस्ट्री घोटाले का खुलासा हुआ है। एक मामला सामने आने के बाद कराई गई पिछले एक साल की रजिस्ट्री की पड़ताल में 100 से ज्यादा फर्जी स्टांप मिले हैं। इन स्टॉप में ट्रेजरी की फर्जी मुहर और गलत सीरियल नंबर जारी किए गए हैं।
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। डीएम ने फर्जीवाड़ा करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करने की बात कही है। खुलासे के बाद घोटाले की आंच से बचने के लिए ट्रेजरी और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इसके अलावा सितंबर 2023 में फर्जी स्टांप के दोनों मुकदमों की आख्या शासन स्तर से मांगी गई है। अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित किए जाने की संभावना है।

सितंबर 2023 में गाजियाबाद के स्टॉप पर मेरठ ट्रेजरी की फर्जी मुहर और गलत सीरियल नंबर जारी करने का मामला सामने आया था। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद स्टांप आयुक्त ने पांच हजार से ऊपर के स्टांप में फर्जीवाड़ा किए जाने का हवाला देकर पिछले तीन साल की रजिस्ट्री की पड़ताल के निर्देश दिए थे।
जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देशानुसार सहायक आयुक्त स्टॉप ज्ञानेंद्र कुमार ने छह रजिस्ट्रार से जांच रिपोर्ट मांगी थी। एक साल की रजिस्ट्री की जांच में 100 से अधिक स्टांप फर्जी मिले हैं। ज्यादातर मामले 25 हजार के स्टॉप में के हैं। अभी पिछले दो और सालों की रजिस्ट्री की जांच जारी है। ऐसे में करोड़ों रुपये के राजस्व के नुकसान का अनुमान है।

बताते चले कि कचहरी के मुख्यद्वार और विकास प्राधिकरण की प्रथम तल पर दो-दो रजिस्ट्री कार्यालय हैं। सरधना और मवाना तहसील में एक-एक रजिस्ट्री कार्यालय है। जनपद में कुल छह रजिस्ट्री कार्यालय है, जहां पर रजिस्ट्रार बैठते हैं। कचहरी के मुख्यद्वार पर सहायक आयुक्त स्टांप का कार्यालय है।

सभी रजिस्ट्रार के साथ बुधवार को बैठक हुई। एक सप्ताह में सभी छह रजिस्ट्रारों को जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। फर्जी मुहर और गलत सीरियल नंबर वाले स्टॉप से रजिस्ट्री करने का पर्दाफाश करेंगे। इस खेल में शामिल संगठित गिरोह पर कड़ी कार्रवाई होगी। दीपक मीणा, डीएम

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