Friday, April 19

खेल विश्वविद्यालयः घोषणा के तीन साल बाद भी नहीं शुरू हुआ निर्माण, जिला पंचायत ने अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के एवज में मांगे 95 लाख

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मेरठ 02 मार्च (प्र)। सीएम योगी जनवरी 2021 में मेरठ में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की घोषणा की। 29 अगस्त 2021 को इसका नाम मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय रख दिया गया। दो जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरधना के गांव सलावा में विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया और आज एक मार्च 2024 है. और तीन साल बाद भी कोई ईंट नहीं रखी जा सकी। यह हाल उस कैंपस का है जहां से ओलंपियन तैयार करने का सपना देखा गया। अब जिला पंचायत ने कार्यदायी एजेंसी लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के एवज में 95 लाख रुपये मांग लिया है। केंद्र एवं राज्य सरकार ने खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की संकल्पशक्ति दिखाई। खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि और सरकारी नौकरी देने में तत्परता बरती गई, लेकिन मेरठ में खुलने वाला खेल विश्वविद्यालय प्रशासन को फाइलों में पेंडुलम बन गया। अब जिला पंचायत ने 95 लाख रुपये को नोटिस थमा दी, जिस पर लोनिवि ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। डीएम दीपक मीणा ने 10 फरवरी को खेल विश्वविद्यालय के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए हल निकालने का निर्देश दिया।

लोनिवि ने दिए तमाम तर्क : अधिशासी अभियंता ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को भेजे जवाब में बताया कि इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण पर आधारित निर्माण कार्यों के लिए प्रदेश के अन्य जनपदों में जिला पंचायत को कोई शुल्क नहीं दिया गया है। संबंधित जनपदों ने बिना शुल्क के ही अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिए।

एक नजर में खेल विश्वविद्यालय
भूमि : 91.38 एकड़
शासन से स्वीकृति गजट : 388.53 करोड़
शिलान्यास तिथि : 2 जनवरी 2022
प्रथम कुलपति के लिए जारी की गई विज्ञप्ति : 21 सितंबर 2023
डिजाइन तैयार करने वाली संस्था : डीडीएफ कंसलटेंट, पीतमपुरा, नई दिल्ली
संस्थाओं के सुझाव : स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (दिल्ली) और आइआइटी (रूड़की) चयनित निर्माणकर्ता कंपनी दीपांशु प्रमोटर एंड बिल्डर प्रा. लि. रांची (झारखंड)
निर्माण की समय सीमा : 18 माह

खेल विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जिला पंचायत ने अपने नियमानुसार शुल्क की मांग की है। साथ ही शासन को भी अपना पक्ष रखते हुए रिपोर्ट भेजी है। -गौरव चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत

सलावा में बन रहे खेल विश्वविद्यालय के निर्माण में किसी तरह की बाधा नहीं है। संबंधित विभागों के साथ समीक्षा कर प्रगति को लेकर निर्देशित किया है। जिला पंचायत से प्राप्त होने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर भी सहमति बन चुकी है।-दीपक मीणा डीएम

 

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