Saturday, February 24

विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से 3 दिसंबर तक

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लखनऊ 22 नवंबर। विधानसभा की कार्यवाही का समय बढ़ाने को लेकर तमाम विचार-विमश बातों के बाद भी विधानमंडल का आगामी शीतकालीन सत्र महज चार दिन ही संचालित करने की तैयारी है। इसमें भी सदन में विधायी कार्य तीन दिन ही होंगे। विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से शुरू होगा। पहले दिन भाजपा विधायक स्वर्गीय आशुतोष टंडन गोपाल के निधन के चलते सदन की कार्यवाही शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित हो जाएगी। कार्यमंत्रणा समिति के एक सदस्य ने बताया कि 29-30 नवंबर और 1 दिसंबर तक सदन संचालित करने की योजना है। इसमें एक दिन अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। एक दिन नेता प्रतिपक्ष अनुपूरक बजट के खिलाफ अपनी बात रखेंगे। उसके बाद नेता सदन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन को संबोधित करेंगे। इस प्रकार सदन की कार्यवाही महज तीन दिन ही चलेगी।

विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही अवधि को बढ़ाने को लेकर लखनऊ से मुंबई तक विचारों का दौर चला है। गत दिनों मुंबई में देश भर के विधायकों के सम्मेलन में भी देश के विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों ने सदन की कार्यवाही बढ़ाने का समर्थन किया था। विधानसभा में भी सदन के अंदर और बाहर इसको लेकर चर्चा होती है। लेकिन सदन संचालन का समय आने पर चर्चा केवल बातों तक सीमित साबित होती है। इस वर्ष विधानसभा का पहला सत्र 22 फरवरी से एक मार्च तक 8 दिन संचालित हुआ। दूसरा सत्र 7 से 11 अगस्त तक पांच दिन संचालित हुआ था। तीसरा सत्र 28 नवंबर से एक दिसंबर तक संचालित होगा। यदि विधानसभा के आगामी सत्र के बाद और कोई विशेष सत्र आहूत नहीं हुआ तो इस वर्ष सदन की कार्यवाही महज 17 दिन चलेगी। जबकि निमयावली में यथासंभव 90 दिन तक सदन की कार्यवाही संचालित करने का प्रावधान है।

विधानसभा की नई संचालन नियमावली मानसून सत्र में मंजूर की गई थी। शीतकालीन सत्र नई नियमावली के अनुसार संचालित होगा। इसमें विधायक घर बैठकर भी ऑनलाइन सदन की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे। वहीं विपक्षी दलों के विधायक सदन में झंडे, बैनर लेकर नहीं आ सकेंगे। सदन के अंदर मोबाइल के साथ प्रवेश भी वर्जित होगा। अध्यक्ष के आसन के पास भी नहीं आ सकेंगे। सदन में किसी मामले में अधिकारी का नाम लेकर भी आरोप प्रत्यारोप नहीं कर सकेंगे।

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