मेरठ 17 फरवरी (प्र)। मेरठ में पिछले 30 सालों से फर्जी तरीके से रहने वाली पाकिस्तानी महिला को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। पूरा मामला मेरठ के थाना देहली गेट क्षेत्र का है। यहां नादिर अली शाह बिल्डिंग में रह रही थी।
महिला मूलरूप से पाकिस्तानी है। भारत के मेरठ में 30 सालों से अवैध तरीके से रह रही है। महिला के पास फर्जी वोटर आईडी कार्ड भी मिला है। इतना ही नहीं उसके पास भारत की नागरिकता भी नहीं है। वहीं महिला पर आइएसआइ एजेंट होने, जासूसी करने और गोपनीय जानकारी पहुंचाने का भी आरोप है।
मेरठ के देहली गेट के जली कोठी स्थित नादिर अली कोठी निवासी एक महिला व उसकी बेटी पर बिना नागरिकता 30 से मेरठ में रहने का आरोप लगा है। देहली गेट निवासी एक महिला ने एसएसपी व एसपी सिटी को शिकायत कर दोनों पर आइएसआइ के लिए जासूसी करने व गोपनीय जानकारी पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर थाना देहली गेट पर महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
देहलीगेट के कोठी अतानस निवासी रुकसाना पत्नी अयाज अहमद ने बताया- अली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद पुत्र मसूद अहमद ने पाकिस्तानी नागरिक सबा उर्फ नाजी से पाकिस्तान जाकर वर्ष-1988 में निकाह किया था। उससे दोनों को तीन संतान हुई। वर्ष-1993 में सबा पाकिस्तान गई थी। वहां उसने चौथी बेटी ऐमन फरहत को 25 मई 1993 में जन्म दिया। वापसी में उसने अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ऐमन फरहत की एंट्री कराई और भारत वापस आ गई।
यहां ऐमन का कैंट के प्रतिष्ठित सोफिया स्कूल में एडमिशन कराया गया। ऐमन फरहत को भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई। सबा और ऐमन फरहत आज तक पाकिस्तानी नागरिक है। आरोप है कि सबा ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऐमन का फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। सबा ने वोटर लिस्ट में अपना सबा मसूद व नाजिया मसूद के नाम से दो वोटर कार्ड बनवा लिए।
जबकि दोनों नाम एक ही पाकिस्तानी महिला के है। फर्जी पासपोर्ट पर मां बेटी कई बार विदेश यात्रा कर चुकी है। महिला का आरोप है कि सबा के पाकिस्तानी पिता हनीफ ISI एजेंट है। उसने सबा व ऐमन पर आइएसआइ के लिए जासूसी करने व स्लीपर सेल तैयार करने का आरोप भी लगाया। कहा- दोनों कैंट, सेना मुख्यालय व दिल्ली के कई मंत्रालय में घूमकर आइएसआइ के लिए सूचना जुटाती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। इस संबंध में दस्तावेजों की गहन जांच, यात्रा विवरण और नागरिकता संबंधी सभी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
