Monday, February 16

मुख्यमंत्री जी ध्यान दीजिए! मेडा के अधिकारी क्यों हैं आकाश गंगा ग्रुप के प्रवीन मित्तल के उक्त अवैध निर्माण पर मेहरबान, धोखे से बेचने या किराये पर देने की निर्माणकर्ता कोशिश कर रहा बताया जाता है

Pinterest LinkedIn Tumblr +

मेरठ, 16 फरवरी (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। गोरखपुर मंदिर में जनता दर्शन के दौरान यूपी के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्पष्ट कहा कि जमीनों पर कब्जा करने भूमाफियाओं आदि के विरूद्ध सख्त रूख अपनाते हुए दबंगों के विरूध की जाये कार्रवाही इस प्रकार पूर्व में सीएम योगी अवैध निर्माण करने और कराने वालों पर कार्रवाई के भी कई बार निर्देश दे चुके हैं मगर पता नहीं इनका पालन कराने वाले कौन सी दुनिया में खोए हैं कि यह सभी कार्य कम होने के बजाये बढ़ते ही जा रहे हैं।
फिलहाल हम बात अवैध निर्माणों की करें तो उदाहरण के रूप में बच्चा पार्क से बेगमपुल आने वाले मार्ग पर एम प्रकाश नर्सिंग होम से बिलकुल अपोजिट शिव चौक पर जाने वाले मार्ग पर मंदिर के बराबर में बिलकुल कोने पर हुआ यह अवैध निर्माण जो चित्र में नजर आ रहा है इसकी बात करें तो जानकारों के अनुसार जमीन रिहायशी बताई जा रही है निर्माण कॉमर्शियल हुआ जो नजर आ रहा है वह साफ हैं कि इस प्रकार के निर्माण का नक्शा किसी भी रूप में पास नहीं हो सकता है इसे बावजूद इसी के निकट एक दूसरे निर्माण पर तो मेडा के अवैध निर्माण रोकने से संबंध अधिकारियों द्वारा सील भी लगा दी गयी लेकिन इसे अभयदान क्यों दिया गया यह चर्चा का विषय हैं जानकारों का मौखिक रूप से यह भी कहना है कि आकाश गंगा ग्रुप के प्रवीण मित्तल के द्वारा यह अवैध निर्माण बिलकुल सड़क से सरकार की सभी निर्माण नीतियों व मानचित्र के विरूद्ध किया गया है और यह भी कहना है कि अवैध खनन कर भी बनाया गया है और जो मानचित्र पास की बात कही जा रही है उससे ज्यादा ऊपर बिल्डिंग बना ली गयी हैं।
सबसे बड़ी बात यह सामने आयी है कि निर्माणकर्ता मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद अब धोखे से बिल्डिंग किराये पर देकर या शोरूम खुलवाकर सेंट्रल मार्किट जैसा एक और विवाद खड़ा करने की अनकही कोशिश कर रहा है क्योंकि जो स्थिति सेंट्रल मार्किट के मॉल की थी वही स्थिति इस निर्माण की भी है। कभी भी न्यायालय से फैसला आ सकता है ऐसे में जो विवाद होगा उसके लिये कौन जिम्मेदार होगा यह भी देखा जाना जरूरी है। माननीय मुख्यमंत्री जी जैसा देखने में आ रहा है स्थानीय स्तर पर तो अवैध निर्माण से संबंध मेडा के अधिकारी कुछ करने को तैयार नजर नहीं आते हैं जबकि काफी लिखित शिकायतें भी अवैध निर्माण के खिलाफ अधिकारियों तक पहुंच रहीं हैं। नागरिकों का कहना है कि अब तो आपके यहां से ही ऐसे अवैध निर्माणों और धोखाधड़ी करने वालों के विरूध हो सकती है कोई कार्रवाई। इनसे लगने वाले जामों से परेशान लोगों का कहना है कि किसी प्रशासनिक अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच कराई जाये तो सारा मामला सामना आ सकता हैं।

Share.

About Author

Leave A Reply