मेरठ 19 फरवरी (प्र)। मेरठ के आबूलेन पर आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स के शोरूम पर बुधवार दोपहर एक करोड़ की ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया। कृष्णा नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर शोरूम संचालक के बेटे तन्मय अग्रवाल को एक करोड़ के आभूषण खरीदने का झांसा दिया। इसके बाद कृष्णा ने अपने कथित भतीजे को भेजकर आभूषण पसंद करा लिए। तभी वहां भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा और उनकी पत्नी पहुंचे। उन्होंने एक करोड़ रुपये तन्मय को दे दिए। तभी कथित भतीजा आभूषण लेकर चला गया और प्रवीण शर्मा और ज्वेलर्स में रुपयों को लेकर विवाद शुरू हो गया। प्रवीण शर्मा का कहना है कि उसने रुपये आभूषण खरीदने के लिए नहीं बल्कि अपनी फर्म के खाते में जमा कराने के लिए दिए हैं। पुलिस गहनता से पूरे मामले की जांच कर रही है।
बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल और तन्मय अग्रवाल ने बताया कि कृष्णा नाम के युवक ने बुधवार दोपहर लगभग 1.02 बजे व्हाट्सएप कॉल कर कहा एक करोड़ रुपए के आभूषण खरीदने हैं। कृष्णा ने कहा कि वह अपने भतीजे को उनके शोरूम पर भेज रहा है। लगभग 20 मिनट बाद एक युवक ज्वेलर्स के यहां पहुंचा और उसने खुद को कृष्णा का भतीजा बताया। उसने ज्वेलर्स के यहां से लगभग 601 ग्राम सोने के आभूषण गले का हार, अंगूठी, बुंदे आदि पसंद कर लिए। व्हाट्सएप कॉल पर ही कृष्णा से ज्वेलर्स ने ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए कहा। कृष्णा ने कहा कि अभी वह ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर सकता फिलहाल वह नकदी आपके पास भेज रहा है। बाद में वह नकदी वापस लेकर ऑनलाइन पेमेंट कर देंगे।
लगभग आधे घंटे बाद रघुनंदन ज्वेलर्स के शोरूम पर चार लोग पहुंचे। इनमें से दो सदर बाजार मेरठ और दो मुजफ्फरपुर बिहार के बताए गए हैं। विजय आनंद का कहना है कि चारों ने आभूषण का भुगतान ज्वेलर्स को कर दिया। इसके बाद कृष्णा का कथित भतीजा आभूषण लेकर वहां से चला गया।
उसके जाने के बाद भुगतान करने वाले चारों लोगों ने अपना पेमेंट वापस देने के लिए कहा। उनका कहना था कि कृष्णा या उसके कथित भतीजे से उनका कोई संबंध नहीं है। ज्वेलर्स ने बताया कि उसने आभूषण के बदले रुपए लिए हैं। इस बात पर चारों हंगामा करने लगे और सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। आशंका है कि भुगतान देने वाले चारों लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज आदि जुटाकर मामले की जांच कर रही है।
