मेरठ 19 फरवरी (प्र)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शास्त्रीनगर योजना संख्या सात (सेंट्रल मार्केट) में 778 निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक रही है। इसी बीच राहत भरी खबर आई है। प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए सरकार ने विधिसम्मत कार्यवाही शुरू कर दी है। नौ मीटर, 18 मीटर व 36 मीटर चौड़ी सड़क पर बने आवासीय भूखंड के स्थान पर व्यावसायिक निर्माण करने वाले 658 व्यापारियों को नई आवास नीति का लाभ मिलेगा। 120 व्यापारियों के निर्माण शमन योग्य नहीं है। इन व्यापारियों को अपना वह हिस्सा ध्वस्त करना होगा, जिसका शमन नहीं हो सकता। ऐसे व्यापारियों को शास्त्रीनगर में ही तीन व्यावसायिक भूखंड पर कांप्लेक्स बनाकर दुकानें आवंटित की जाएंगी।
बुधवार को लखनऊ में अपने शिविर कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर ने बताया कि सेंट्रल मार्केट प्रकरण वर्ष 1986 से शुरू हुआ था। विपक्षी दलों की सरकार ने शास्त्रीनगर वासियों को सुविधा देने की दिशा में मार्केट बनाने की पहल नही की। वर्ष 2014 में उच्च न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के आदेश दिए जाने के बावजूद तत्कालीन सपा सरकार ने इस मामले में व्यापारियों के हित में कोई ठोस पहल नहीं की।
17 दिसंबर 2024 को शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के भूखंड संख्या 661/6 पर निर्मित कांप्लेक्स को ध्वस्त करने संबंधी आदेश में अन्य निर्माण के मामले में कोर्ट ने सरकार से अपेक्षा की कि वह 90 दिन में कोई ऐसी नीति बनाए, जिससे निर्माण शमन हो सकता हो। कोर्ट के आदेश पर नई आवास नीति बनाई गई, जिसका लाभ व्यापारियों को जरूर मिलेगा। दूसरी ओर डा. सोमेन्द्र तोमर के साथ शास्त्रीनगर व्यापार बचाओ संघर्ष समिति के सुशील गर्ग, मनोज गर्ग, भारत भूषण, महिपाल मलिक व सतीश गर्ग ने योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सतीश गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात सकारात्मक रही है।
