मेरठ 19 फरवरी (प्र)। पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत के अवैध रूप से भारत में रहने व कूटरचित दस्तावेज पेश करने के मामले में बुधवार को स्पेशल सीजेएम न्यायालय में जमानत पर सुनवाई हुई। सबा के अधिवक्ता वीके शर्मा व सहायक अभियोजन अधिकारी ने अपने-अपने तर्क रखे। आधा घंटे चली सुनवाई के बाद सबा फरहत की जमानत न्यायालय ने खारिज कर दी।
मंगलवार को न्यायालय ने सबा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। इस आदेश के बाद साफ हो गया कि अभी सबा को जेल में रहना होगा। सेशन कोर्ट में सबा की जमानत पर गुरुवार को सुनवाई होगी।
देहली गेट के कोठी अतानस निवासी रुकसाना की तहरीर पर देहली गेट थाने पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद ने पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजी से पाकिस्तान जाकर वर्ष-88 में निकाह किया था।
दोनों को तीन संतान हुईं। वर्ष-93 में सबा पाकिस्तान गई थी। वहां उसने चौथी बेटी ऐमन फरहत को 25 मई 93 को जन्म दिया। वापसी में उसने अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ऐमन फरहत की एंट्री कराई और भारत आ गई। यहां ऐमन का कैंट के प्रतिष्ठित स्कूल में एडमिशन कराया गया, लेकिन उसको भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई।
सबा व ऐमन फरहत आज तक पाकिस्तानी नागरिक हैं। आरोप है कि सबा ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऐमन का फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। सबा ने वोटर लिस्ट में अपना सबा मसूद व नाजिया मसूद के नाम से दो वोट बनवा लिए। दोनों नाम एक ही पाकिस्तानी महिला के हैं।
फर्जी पासपोर्ट से मां बेटी पर कई बार विदेश यात्रा करने का आरोप भी लगाया गया था। सोमवार को पुलिस ने सबा फरहत को गिरफ्तार कर लिया। बेटी ऐनम को भी पाकिस्तानी नागरिक बताते हुए कूट रचित दस्तावेज बनाने का आरोपित बताया था। उन पर जासूसी जैसे कई आरोप लगाए गए।
मंगलवार को देहली गेट थाना पुलिस ने स्पेशल सीजेएम न्यायालय में सबा फरहत को पेश किया। यहां उन पर फर्जी वोटर आइडी कार्ड बनवाने का आरोप लगाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि सबा फरहत पर 2032 तक पाकिस्तानी पासपोर्ट है और उसे 2027 तक लांग टाइम वीजा दिया गया है।
ऐसे में उस पर भारत में अवैध तरीके से रहने का आरोप नहीं बना। पुलिस ने न्यायालय में ऐनम को भी भारतीय नागरिक माना और उसे इस मामले में वांछित नहीं बताते हुए क्लीन चिट दी। रिमांड प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने सबा फरहत को फर्जी वोटर आइडी बनवाने के आरोप में 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
बुधवार को सबा फरहत के अधिवक्ता वीके शर्मा ने उसकी जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया। उन्होंने कूट रचित दस्तावेज बनाने व अन्य आरोपों को गलत बताया। कहा, वक्फ संपत्ति के विवाद में उनके खिलाफ फर्जी मामले पुलिस से मिलकर दर्ज कराए जा रहे है। सबा फरहत शहर के प्रतिष्ठित परिवार से जुड़ी है।
सहायक अभियोजन अधिकारी ने सबा फरहत पर अपने व बेटी के कूटरचित दस्तावेज तैया करने व उनका लाभ लेने की बात कही। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद सबा फरहत की जमानत याचिका खारिज कर दी। सबा के अधिवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि गुरुवार को सेशन कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया जाएगा।
