Saturday, February 21

सेंट्रल मार्केट: अफसरों की दो टूक, खुद हटा लें अवैध निर्माण अन्यथा ध्वस्त होंगे

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मेरठ 21 फरवरी (प्र)। इसी सप्ताह मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राहत महसूस कर रहे शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की धड़कनें शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने बढ़ा दी। एनआइसी में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ एडीजी, कमिश्नर, डीआइजी, डीएम और एसएसपी ने वार्ता की। जिसमें उन्होंने 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के मद्देनजर 23 फरवरी से अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि व्यापारी अपना अवैध निर्माण खुद हटा लें अन्यथा आवास विकास की टीम उसे ध्वस्त करेगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करने का सुझाव भी व्यापारियों को दिया सबसे पहले योजना संख्या सात 780 निर्माण को चिह्नित किया गया है। जिनके अवैध भाग पर लाल निशान भी लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों से वार्ता के बाद व्यापारियों ने शाम को आपात बैठक करके सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं की व्यवस्था करने का निर्णय लिया।

छह सदस्यों के व्यापारियों वाले व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने की जानकारी दी।
व्यापारियों से कहा कि सभी व्यापारी अपना चिह्नित अवैध निर्माण खुद हटा लें। अन्यथा 23 फरवरी से परिषद उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि आवासीय भूउपयोग वाले भूखंडों पर व्यवसायिक गतिविधियां करने वाले व्यापारी जल्द से जल्द नई भू उपयोग उपविधि के तहत अपने निर्माण को शमन कराने का प्रार्थना पत्र भी आवास विकास अधिकारियों को उपलब्ध करा दें। 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में व्यापारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से मजबूत पैरवी कराने की सलाह भी अधिकारियों ने दी। बताया कि प्रथम चरण में योजना संख्या सात के 780 निर्माण कार्रवाई के लिए चिन्हित किए गए हैं। आरटीओ रोड पर 90 से अधिक निर्माणों के अवैध हिस्से पर लाल निशान भी लगा दिए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल में सतीश गर्ग, चौधरी महीपाल सिंह, मनोज गर्ग, जीतेंद्र अग्रवाल, बिल्लू शर्मा, सतीश विरमानी मौजूद रहे।

एक दो दिन में सभी व्यापारी करें शमन का आवेदन
उच्च अधिकारियों के साथ व्यापारियों की वार्ता का अहम बिंदु यह रहा कि अभी तक भूउपयोग कर व्यावसायिक निर्माण करने वाले व्यापारियों ने शमन के लिए आवेदन नहीं किया है। जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट में भी आवास विकास परिषद को व्यापारियों का पक्ष रखने में दिक्कत आएगी।
अभी तक केवल 103 व्यापारियों ने आवेदन किया है जिसमें 80 व्यापारियों के निर्माणों की शमन की प्रक्रिया आरंभ भी हो गई है। शुक्रवार को 75 और व्यापारियों ने अपने आवेदन दिए। कुल 132 व्यापारियों ने अपने व्यावसायिक निर्माण हटा लिए हैं। इस तरह 548 निर्माणकर्ताओं ने आवेदन नहीं किया है। ऐसे व्यापारियों से तत्काल आवेदन देने की अपील की गई है।

आपात बैठक करके व्यापारियों ने की तैयारी
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने शुक्रवार शाम को नई सड़क स्थित भोलेश्वर महादेव मंदिर में आपात बैठक की।
बैठक में सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता को पैरवी के लिए नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही उसकी फीस के लिए धन की व्यवस्था करने के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में इसके लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था करने का लक्ष्य तय किया गया।
व्यापारियों ने कहा कि याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई की समय सीमा बढ़ाने की मांग की जाएगी ताकि व्यापारी अपना निर्माण स्वयं हटा सकें।

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