Saturday, February 21

धागा कारोबारी से 20 लाख वसूलने वाले दरोगा गिरफ्तार

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मेरठ 21 फरवरी (प्र)। मेरठ के धागा कारोबारी से रंगदारी वसूलने वाले दोनों दरोगा गिरफ्तार हो गए हैं। दोनों पिछले काफी समय से प्रयागराज में रहकर गिरफ्तारी स्टे लेने की तैयारी कर रहे थे लेकिन पुलिस को भनक लग गई। शुक्रवार शाम एक अधिवक्ता के चेंबर से पुलिस ने दोनों को धर दबोचा। शनिवार सुबह तक पुलिस दोनों को लेकर मेरठ पहुंच जाएगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। बताते चले कि इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई की गई थी और दोनों दरोगाओं के साथ लोहियानगर थाना प्रभारी योगेश चंद्र को भी निलंबित किया था। दोनों दरोगा पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

मेरठ के दक्षिणी इस्लामाबाद निवासी धागा कारोबारी मोहम्मद रासिख अंसारी 8 दिसंबर की शाम नमाज पढ़कर लौट रहे थे। आजाद रोड पर पीछे से आई एक कार ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया।
कार से उतरे दरोगा ने रासिख को बाइक से उतारा और गाड़ी में बैठा लिया और इसके बाद सीधे हापुड़ लेकर रवाना हो गए। कार में बैठने का दबाव बनाने के लिए रासिख पर फंडिंग करने का आरोप लगाया गया। यहां तक धमकी दी गई कि उस पर एनएसए की कार्रवाई होगी।
कार में दो सब इंस्पेक्टर लोकेंद्र साहू व महेश गंगवार मौजूद थे जो रासिख को हापुड़ ले गए। उन्होंने रासिख पर हवाला में पैसा लगाने का आरोप लगाया। इतना डरा दिया कि रासिख खुद को बचाने के लिए वही करने लगा जो दरोगा बोलते गए।

हापुड़ से लौटते वक्त दोनों दरोगा रासिख को अल्लीपुर के जंगल ले गए। वहां मनमानी वीडियो बनवाई और फिर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। बामुश्किल 20 लाख रुपये में दरोगा मानें। इसके बाद रासिख ने अपने बहनोई के जरिए 14 लाख रुपये मंगाकर दोनों दरोगाओं को सौंप दिए।
घर पहुंचने के बाद रासिख ने किसी को कुछ नहीं बताया। अगले दिन छह लाख रुपये की व्यवस्था की और दरोगाओं के बताए स्थान पर पहुंच गए। तब एक दरोगा बोला- कल 14 नहीं 13 लाख रुपये लाए थे। अब एक लाख और लाकर दे। इस बार शहर में ही वह रकम ले लेंगे। उन्होंने एक लाख रुपये लेकर नौचंदी मैदान में बुला लिया।

रासिख ने बताया कि दरोगाओं के कहे अनुसार वह एक लाख रुपये लेकर नौचंदी मैदान पहुंच गए। यहां दरोगा ने रकम ली और धमकी दी कि अगर कहीं मुंह खोला तो इस बार दिल्ली ब्लास्ट में तुझे फंसा देंगे। पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे सड़ता रहेगा। तेरे परिवार को भी शांति से जीने नहीं देंगे। रासिख चुपचाप लौट गए।

रासिख टूट चुके थे। दहशत उनके जहन में घर कर गई थी। परिवार का चेहरा बार बार आंखों के सामने घूम रहा था। वह बताते हैं कि अचानक ऊपरवाले ने उन्हें हिम्मत दी और वह एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के दफ्तर पहुंच गए। पूरी घटना बता दी।

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि टीपीनगर थाना क्षेत्र निवासी रासिक का लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में कारोबार है। रासिक ने सात फरवरी को एसएसपी से लोहियानगर थाने में तैनात रहे दोनों दरोगाओं के खिलाफ एसएसपी अविनाश पांडे से शिकायत की थी। एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी ने पूरे मामले की जांच की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोनों दरोगाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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