मेरठ 06 मार्च (प्र)। इस बार होली पर शराब की बिक्री ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये। जिले में तीस करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई। इसमें सबसे ज्यादा बीयर और व्हिस्की की रही। पिछले साल शराब की सबसे ज्यादा बिक्री मानी गयी थी, लेकिन इस बार वह रिकार्ड भी टूट गया। पिछले दो वर्षों में मेरठ में शराब की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 और 2024 में कुल 19 अरब रुपये की शराब बेची गई। पिछले साल नए साल के जश्न के दौरान मेरठ में चार करोड़ रुपये की शराब बिकी थी, जबकि इस साल होली पर यह आंकड़ा 30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 186 कंपोजिट दुकानें संचालित हैं। इसके अतिरिक्त, 189 देसी शराब की दुकानें, 7 मॉडल शॉप और 7 प्रीमियम दुकानें भी हैं। आबकारी अधिकारी ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले में शराब के माध्यम से कुल 1300 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। इसमें नए साल के जश्न के दौरान हुई भारी बिक्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस आंकड़े में जनवरी और फरवरी की बिक्री भी शामिल होगी। उन्होंने यह भी बताया कि होली के मौके पर व्हिस्की और बीयर की मांग बढ़ जाती है। इस बार के आंकड़ों में भी व्हिस्की और बीयर की खपत अधिक देखी गई। जिले की सभी दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में कोटा उपलब्ध था, हालांकि कुछब्रांड की अत्यधिक मांग के कारण कई शराब की दुकानों पर तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में बीयर की मांग में वृद्धि होती है। लाइसेंसी कोटे के अनुसार सभी दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में बीयर की आपूर्ति की जाती है।
होली पर खूब हुई शराब की कालाबाजारी, दुकानों ने मुनाफा बटोरा
होली के अवसर पर जहां शराब की बिक्री ने पिछले सालों के रिकार्ड तोड़ दिये, वहीं दुकानों से चोरी छिपे कालाबाजारी भी हुई। इसके चलते कई दुकानों ने खूब मुनाफा बटोरा दौराला और दिल्ली रोड की कई दुकानों ने शराब की कालाबाजारी की जानकारी के अनुसार, जिस बीयर की बोतल का निर्धारित मूल्य 140 रुपये है, उसे ग्राहकों को 200 रुपये में बेचा जा रहा था। आरोप है कि ठेका संचालक शटर बंद रखकर अवैध रूप से शराब बेच रहा था और खुलेआम अधिक पैसे वसूल रहा था। ठेका संचालक पर यह भी आरोप है कि उसने पुलिस को पैसे देकर शराब बिकवाने की बात कही। इसके साथ ही दिल्ली रोड की कई दुकानों पर भी ऐसे ही कालाबाजारी की गई। दरअसल, होली के त्योहार को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए शराब के ठेके बंद रखने के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद, कुछ ठेका संचालक मोटी कमाई के लालच में इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते दिखे। स्थानीय निवासियों ने इस तरह की गतिविधियों पर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो त्योहार के दौरान अवैध शराब की बिक्री और बढ़ सकती है।
