मेरठ 13 मार्च (प्र)। प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दो दिन पूर्व दिए गए कड़े निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों ने उद्घाटन की तैयारियों को युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। तैयारी हो रही है कि अप्रैल-मई में उद्घाटन हो जाए।
गत मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे के शेष कार्यों को तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द जनता के लिए समर्पित किया जाए। इसी क्रम में अब यूपीडा के वरिष्ठ अधिकारी लगातार साइट का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि फिनिशिंग और सुरक्षा मानकों को समय से पूरा किया जा सके।
वैसे यूपीडा की रिपोर्ट के अनुसार फाइनल टच देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। ओवरऑल 97 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अप्रैल या मई के महीने में संभावित है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी महज कुछ घंटों में सिमट जाएगी। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा, जिससे व्यापार और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल रन और टोल सिस्टम की टेस्टिंग पहले ही पूरी हो चुकी है। तैयारी है कि यहां पूरी तरह वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाए।
594 किलोमीटर लंबा यह सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे (जिसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है) न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा। अत्याधुनिक सुविधाओं, ट्रॉमा सेंटर और पुलिस पोस्ट के साथ इसे यात्रियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा रहा है। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यूपी देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जिसके पास सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क होगा।
