Friday, March 13

फर्जी मेडिकल रिपोर्ट पर खरीदी गई अनुसूचित जाति को आवंटित जमीन, डा. संदीप पहल ने ऊर्जा राज्यमंत्री एवं ट्रस्ट पर लगाया जमीन खरीदने का आरोप

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मेरठ 13 मार्च (प्र)। सामाजिक कार्यकर्ता डा. संदीप पहल ने गुरुवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि दिल्ली रोड स्थित गांव कायस्थ गांवड़ी में अनुसूचित जाति के लोगों को आवंटित पट्टे की भूमि खरीदने में जो मेडिकल हुए हैं, वो सब फर्जी हैं। यह जमीन ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर एवं अध्यक्ष शांति निकेतन ट्रस्ट ने खरीदी है। आरोप लगाया कि एडीएम प्रशासन ने भी पत्र जारी कर पीएल शर्मा जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से बीमारी के संबंध में प्रमाण उपलब्ध कराने को कहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि नियमानुसार प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग मेडिकल परीक्षण आख्या जारी किया जाना आवश्यक है। इस भूमि की खरीद में एक-एक मेडिकल रिपोर्ट पर कई व्यक्तियों के नाम अंकित हैं। एडीएम प्रशासन ने 41 किसानों के मेडिकल परीक्षण के लिए लिखा है, लेकिन महज 16 व्यक्तियों के मेडिकल परीक्षण किए गए हैं। ऐसे में अन्य लोगों की जमीन बिना मेडिकल परीक्षण के कैसे बेच दी गई। किसी मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी किसी बीमारी का उल्लेख नहीं है कि इलाज के लिए भूमि बेचना आवश्यक हो । यह मेडिकल परीक्षण सितंबर 2024 में किए गए थे। मेडिकल परीक्षण करने वाले चिकित्सकों सर्जन डा. वीर सिंह, फिजिशियन डा. अनुराग तोमर और तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक डा. कौशलेंद्र सिंह के नाम का उल्लेख किया गया है।

संदीप पहल ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत प्रमुख अधीक्षक पीएल शर्मा जिला अस्पताल से सूचना मांगी गई तो देने से इन्कार कर दिया गया। यह भी आरोप लगाया कि मंत्री की पत्नी के नाम जिस अनुसूचित जाति की महिला से करीब एक करोड़ रुपये की जमीन खरीदी गई है, उस भूमि बेचने वाली महिला का मेडिकल भी फर्जी है। यह मेडिकल एक निजी अस्पताल ने जारी किया है। इस मामले में वह जल्द अन्य अधिकारियों के आदेश को लेकर फर्जीवाड़े को उजागर करेंगे।

अनुसूचित जाति के व्यक्ति की जमीन बिक्री के नियम
गैर अनुसूचित जाति के व्यक्ति को अनुसूचित जाति की जमीन खरीदने के लिए डीएम की अनुमति आवश्यक है।
बेटी की शादी अथवा गंभीर बीमारी के इलाज के लिए ही जमीन बिक्री की अनुमति दी जा सकती है।
जमीन बिक्री के बाद भी किसान के पास 3.125 हेक्टेयर (5 बीघा) जमीन शेष होना आवश्यक है।
परिवार में कोई कानूनी वारिस न होने, भूमि मालिक के स्थायी रूप से दूसरे राज्य अथवा शहर में बस जाने की विशेष परिस्थिति में ही संपूर्ण भूमि की बिक्री की अनुमति दी जा सकती है।

ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर का कहना है कि गांव कायस्थ गांवड़ी में भूमि खरीदने के मामलने में सभी नियम और प्रक्रिया का पालन किया गया है। इस तरह के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

पीएल शर्मा जिला अस्पताल प्रमुख अधीक्षक डा. सुदेश कुमारी का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट को देखने के बाद ही इस मामले में कुछ बता सकती हूं। मेरे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।

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