
मेरठ, 23 मार्च (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)।मवाना रोड पर बिल्डर आशीष गुप्ता द्वारा डिफेंस कॉलोनी के पीछे कटी कालोनी फेयर फिल्ड रेजिडेंसी के खरीदारों का क्या होगा यह चर्चा आज जागरूक नागरिकों में विशेष रूप से बनी रही बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष मेडा के पूर्व वीसी श्री अभिषेक पांडे आदि द्वारा उक्त कालोनी की जमीन ऑक्शन की गयी थी दो-तीन दिन पूर्व माननीय न्यायालय द्वारा उक्त भूमि जो लीज पर बतायी गयी उसका ऑक्शन निरस्त कर दिया। सूत्रों के अनुसार बिल्डर अनिल चौधरी जिसने उक्त जमीन पहले ली गयी बतायी जाती है या जो भी हो न्यायालय चले गये और उनकी याचिका पर यह निर्णय हुआ। बताते चलें कि पूर्व में भी इस जमीन के पुराने मालिक किसानों ने नई दरों पर मुआवजे को लेकर हंगामा किया था। जो बाद में शांत हो गया। पता नहीं फिर अनिल चौधरी के बजाये आशीष गुप्ता आदि को उक्त जमीन का ऑक्शन और यह लीज या रजिस्ट्री कैसे कर दी गयी यह तो पुराने वीसी या मेडा के अधिकारी या आशीष गुप्ता और उनके पार्टनर ही जाने। लेकिन बताते हैं कि लगभग 55 बीघा भूमि पर इनके द्वारा 297 से लेकर 730 गज में प्लाट काटे गये। अब इसमें कितनी स शाई है यह तो जांच का विषय है बताया जाता है कि 1 लाख 40 हजार रुपये गज के हिसाब से प्लाट बेचे गये और रास्त शहीद अब्दुल हमीद कालोनी से निकाला गया। लोगों का कहना है कि तमाम लोगों के जमीन की खरीद-फरो त में करोड़ों रुपये फंसे हुए है उनमें कुछ का कहना था कि हमारा अब क्या होगा। क्योंकि शारदा और उनके सहयोगियों को न्यायालय से राहत नहीं मिलती है तो अनिल चौधरी या जो भी आगे चलकर इसका मालिक बनेगा को अपने हिसाब से बेचेगा।
आजकल समाचार पत्रों में पढ़ने को मिल रही खबरों के अनुसार प्रदेश सरकार माननीय न्यायालय इस प्रकार की विवादित जमीनों पर पूर्ण जानकारी के बिना कोई निर्णय ना ले के निर्देश और आदेश दे रही है क्योंकि इससे धोखाधड़ृी की संभावनाएं बढ़ती है।
कुछ लोगों का कहना कि शारदा और उनके सहयोगी आर्थिक रूप से मजबूत है जिन्हें जमीन बेची होगी उनका पैसा वापस कर देंगे लेकिन यह भविश्य की बात है वर्तमान में फेयर फिल्ड मेें जमीन खरीदने वालों में अफरा-तफरी मची हुई है। इस संदर्भ में किसी जि मेदार व्यक्ति से बात नहीं हो पाये इसलिए भविष्य की योजनाओं का अंदाज नहीं लगाया जा सकता खबर लिखे जाने तक…
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