मेरठ, 26 मार्च (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। क्षय रोग टीबी उन्मूलन के लिए सरकार से लेकर आम आदमी तक काफी मेहनत कर रहे है। और इनसे संबंध खबरें भी पढ़ने और सुनने को मिलती ही रहती है। लेकिन आज इस संदर्भ में एक खबर पढ़कर कि क्षय रोग टीबी की बीमारी की समाप्ति के लिए निक्षय मित्र के रूप में गौतमबुद्ध यूनीवर्सिटी में आयोजित एक समारोह में संजय जैन बीड़ी वालों को इस क्षेत्र में उनके द्वारा किये गये कार्यों हेतु सम्मानित किया गया। खबर पढ़कर जागरूक नागरिकों और खासकर टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में काम कर रहे जनसेवकों में यह चर्चा खूब सुनने को मिली कि संजय जैन कब और कहां और किस रूप में क्षय रोग टीबी की समाप्ति के लिए काम कर रहे जो इन्हें यह सम्मान मिला। कुछ लोगों का यह भी कहना था कि क्षय रोग टीबी को बीड़ी सिगरेट काफी नुकसान देती है मगर श्री संजय जैन तो खुद बीड़ी वालों के नाम से प्रसिद्ध है। और यह कहीं सुना भी नहीं कि वो इस क्षेत्र में कुछ काम कर रहे हो। फिर भी उन्हें एक खबर के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्षय रोग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में संपन्न हुआ। बताया गया है कि इस अवसर पर मेरठ के संयुक्त व्यापार संघ (निर्वाचित) के महामंत्री संजय जैन बड़ी वाले को निक्षय मित्र के रूप में सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में किए गए उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने उन्हें सम्मानित किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कुल पांच लोगों को निक्षय मित्र के रूप में चुना गया था। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अनुप्रिया पटेल आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस खबर को पढ़कर एक शख्स का गुनगुनना अच्छा लगा कि अजब तेरी दुनिया अजब तेरा खेल छछुन्दर के सर पर चमेली का तेल मतलब दुल्हन वहीं जो प्रिया मन भाये वाली कहावत संजय जैन जी पर इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के अनुसार सही उतरती लग रही है। क्योंकि उन्होंने इस संदर्भ में कोई काम किया हो इसकी जानकारी नहीं है।
चर्चा है क्षय रोग दिवस पर संजय जैन बीड़ी वालों का गौतमबुद्ध यूनीवर्सिटी में किस लिए हुआ सम्मान
Share.
