मेरठ 26 मार्च (प्र)। साकेत पेट्रोल पंप के समीप दो छात्रों की हत्या का आरोपित केके ठाकुर 14 साल से परिवार के साथ पुणे में छिपा हुआ था। वह वहां की एक कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर की नौकरी कर रहा था।
मुखबिर की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस ने कृष्णकांत उर्फ केके ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। उसके तीन साथियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी थी, जो जमानत पर छूटकर आ चुके है। हाल में मुकदमे की पत्रावली हाईकोर्ट में लंबित चल रही है।
11 जून 2012 को रात करीब साढ़े दस बजे सिविल लाइंस क्षेत्र में प्रभात नगर स्थित साकेत पेट्रोल पंप पर छात्रों के दो गुटों में फायरिंग हो गई। भावनपुर के रहने वालाे राहुल और गौतमबुद्धनगर के रहने वाले शिवम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बुढ़ाना गेट की रहने वाली एक युवती को लेकर छात्रों के दोनों गुटों में विवाद हुआ था।
युवती के सामने दोनों ही गुट अपना वर्चस्व कायम करना चाहते थे। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए रंजीत उर्फ गब्बर, अनुज और विक्की को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सभी छात्र सीताराम हास्टल में रहते थे। इस हत्याकांड में चौथा आरोपित कृष्णकांत उर्फ केके ठाकुर निवासी करवल माईने गांव, थाना गगहा गोरखपुर और हाल निवासी पुणे (महाराष्ट्र) भी शामिल था।
केके ठाकुर हत्या के बाद से फरार हो गया, जो पिछले 14 साल से परिवार के संग पुणे में रहकर एक निजी कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर की नौकरी कर रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस को केके ठाकुर के बारे में जानकारी मिली। पुलिस की टीम ने पुणे से केके ठाकुर को गिरफ्तार किया।
बुधवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि राहुल और शिवम हत्याकांड में अभी तक निर्णय नहीं आया है। मुकदमे की पत्रावली हाईकोर्ट से वापस नहीं आई है।
साथ ही जेल गए सभी आरोपित भी जमानत पर बाहर आ चुके हैं। चौथे आरोपित केके ठाकुर की तलाश पुलिस की पिछले 14 साल से कर रही थी। 2012 में ही उस पर पांच हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था।
राहुल ने बीएससी की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। उसके बाद आंबेडकर कालेज से बीए की पढ़ाई कर रहा था। हत्या के समय वह एक ट्रेवल एजेंसी में काम कर रहा था। इसी तरह से शिवम एमएससी की पढ़ाई करने के बाद मेरठ कालेज से एमए कर रहा था। 2006 से शिवम मेरठ में रहकर ही पढ़ाई कर रहा था।
