मेरठ, 06 अप्रैल (अम)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ नगर निगम को कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद अजमेर अली की पत्नी अबरीशा खातून को जमीन आवंटित करने की मांग पर निर्णय लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने नगर आयुक्त को छह सप्ताह के भीतर नियमानुसार फैसला लेने को कहा है। अबरीशा खातून ने खेती के लिए 25 बीघा जमीन आवंटित किए जाने की मांग की है।
रोहटा रोड के शोभापुर निवासी अबरीशा खातून ने अपने अधिवक्ता सुनील चौधरी के माध्यम से 26 मार्च 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने कहा कि शासन व नगर निगम की नीतियों के अनुसार उन्हें जमीन मिलनी चाहिए। जिला सैनिक कल्याण व पुनर्वास अधिकारी, मेरठ ने 3 फरवरी 2026 को अबरीशा खातून की मांग को जायज मानते हुए नगर आयुक्त को जमीन आवंटित करने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन कोई जमीन आवंटित नहीं हुई। न्यायमूर्ति नीरज तिवारी व न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की बेंच ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 129(5)(बी) के अंतर्गत यह आदेश पारित किया है।
अजमेर अली 1987 में आर्मी सैपर ऑपरेटर के रूप में लेह लद्दाख में तैनात थे। शून्य से नीचे तापमान और बर्फीली हवा जैसी कठोर परिस्थितियों में वे बर्फ हटाने का काम कर रहे थे। ऑपरेशन के दौरान वे डोजर के साथ हिमस्खलन में दब गए और शहीद हो गए थे। राष्ट्रपति ने 22 मार्च 1987 को अजमेर अली को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया था।
शहीद की पत्नी अबरीशा खातून के पास खेती के लिए भूमि नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से 25 बीघा जमीन आवंटित करने की मांग की थी। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने भी उनकी मांग का समर्थन किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब नगर निगम को इस मामले में निर्णय लेना होगा।
शहीद की पत्नी को नगर निगम आवंटित करे जमीन
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