मेरठ, 09 अप्रैल (जा)। विकास भवन के सभागार में उत्तर प्रदेश विधान परिषद विनियमन समीक्षा समिति की गत दिवस बैठक हुई। जिसमें बागपत और मेरठ के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभापति एमएलसी अश्वनी त्यागी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए। साथ ही अधिकारी अपने सीयूजी नंबर को सक्रिय रखें और पहली घंटी पर फोन को उठाएं।
सभापति ने निर्देश दिए कि विपक्षी पार्टियों के जनप्रतिनिधियों की भ्रष्टाचार को लेकर कई शिकायतें मिली है। जिनका तत्काल निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकाल का ध्यान रखा जाए। मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण दर्ज किया जाए। बागपत और मेरठ जनपद में होने वाले विकास कार्यों के बाद शिलापट लगाते समय शासन के निर्देशों का पालन जरूर करें। नगर निगम के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की आख्या ली गई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन और छात्रवृत्ति वितरण की भी समीक्षा की गई। सभापति ने कहा कि विकास परियोजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर समय के अनुसार पूरा करें। विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। जनप्रतिनिधियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों का निस्तारण समय पर किया जाए। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचे।
बैठक में पुलिस, राजस्व, विद्युत, वन, समाज कल्याण, सहकारिता, लोक निर्माण, उच्च शिक्षा, पंचायती राज, पशुपालन एवं स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, संतोष सिंह, पवन कुमार सिंह, वीरेन्द्र सिंह, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक मेरठ कैंट अमित अग्रवाल, विधायक सिवालखास गुलाम मोहम्मद, भाजपा के महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, जिलाध्यक्ष हरवीर पाल मौजूद रहे।
विकास भवन के सभागार में हुई उत्तर प्रदेश विधान परिषद विनियमन समीक्षा समिति की बैठक
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