नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की दिशा बदलने वाला बताते हुए पीएम मोदी और भाजपा हाईकमान द्वारा शहर से गांवों तक घर घर पहुंचाने और महिलाओं को इससे अवगत कराने का संदेश दिया गया है। १६ से १८ अप्रैल तक संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पास कराने के प्रयास हो रहे हैं। इसे लागू होने के बाद विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के ३३ प्रतिशत आरक्षण मिलने का श्रेय केंद्र सरकार की झोली में जाना और पीएम की प्रशंसा होना तय है। कांग्रेस तमाम तरह के आरोप लगाकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर रही है। इस मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने संसद के विशेष सत्र में लाए जाने वाले विधेयक पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक लेख में कहा कि मुददा महिला आरक्षण नहीं परिसीमन है जो संविधान पर हमला है। जदयू ने अपने सांसदों के लिए जारी व्हिप में कहा कि उन्हें संसद सत्र में उपस्थित रहना होगा। इसके अलावा महिला समूहों कार्यकर्ताओं और नागरिक संस्थाओं ने इस विधेयक पर आगे बढ़ने पर सरकार के रवैये पर चिंता बढ़ाई है। महिला समूहों ने सांसदों को लिखे पत्र में कहा कि यह जल्दबाजी में कदम उठाया गया है और कई राज्यों में चुनाव हो रहे हैं और आचार संहिता लागू है। महिलाओं को अपनी बात रखने के लिए सरकार ने पर्याप्त समय नहीं दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा गत दिनों महिला आरक्षण को लागू करने और परिसीमन प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होने सोनिया गांधी का लेख साझा करते हुए कहा कि लोकसभा सीटों में होने वाली बढ़ोत्तरी के परिसीमन नहीं बल्कि राजनीतिक रुप से न्यायसंगत होना चाहिए। पूर्व सूचना मंत्री मनीष तिवारी ने परिसीमन को एक मनमानी प्रक्रिया बताया। दूसरी तरफ भाजपा ने सभी राज्य इकाई को निर्देश दिया कि वह महिला आरक्षण विधेयक को प्रभावी ढंग से जनता तक लेके जाएं और ग्रामीण महिलाओं तक विशेष रूप से पहुंच हो जिससे ग्राम पंचायत में भी महिलाओं की बड़ी संख्या होगी। भाजपा नेतृत्व ने सभी प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर साफ किया कि महिला आरक्षण की जानकारी हर घर तक पहुंचानी है। संवाद संचार साधनों से शहरों में इसे आसानी से पहुंचाया जा सकता है लेकिन ग्रामीण महिलाओं में जागरुकता लाना बेहद जरुरी है। केंद्र सरकार ने इसके लिए पार्टी की पंचायत इकाईयों को आधार बनाया है। अगले एक माह में यह अभियान पूर्ण किया जाएगा। भाजपा नेतृत्व एक सप्ताह तक टीवी पर होने वाली चर्चाओं में महिला नेताओं को भेजने का फैसला किया है जो नारी शक्ति वंदन के बारे में सबको बता सके। शाजिया इल्मी, राखी राठौड़, भारती घोष, संजू वर्मा और राधिका खेराल को चुना गया है। वहीं, अपराजिता सारंगी, बांसुरी स्वराज, कमलजीत सहरावत टीवी पर भाजपा का प्रतिनिधित्व करेंगी। भाजपा नेताओं का मानना है कि जिस प्रकार मंडल कमीशन की सिफारिश पर देश में पिछड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व मिला उसकी तरह महिला आरक्षण देश की दशा और दिशा बदलने वाला होगा। समाचारों से पता चलता है कि इस क्रम में देशभर में भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों से जुड़ी नेताओं द्वारा इस अभियान को शुरु कर दिया गया है। इस बारे में मेरठ में महिला आयोग की सदस्य डॉ हिमानी अग्रवाल, पूर्व सांसद कांता कर्दम, कैंट बोर्ड की पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा सहित महिलाओं द्वारा एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। पीएम मोदी का कहना है कि कल्पनाओं को साकार और संकल्पों को पूरा करेगा महिला आरक्षण कानून। दशकों का इंतजार होगा अब खत्म। लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कह रहे हैं कि यह सब राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। जो भी हो लेकिन यह बात सही है कि दशकों से महिलाओं को राजनीति में भागीदारी दिए जाने की बात उठती रही है। भले ही अब कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हो लेकिन यह आरक्षण लागू होना ही चाहिए। यह बात जरुर है कि इसका लाभ कुछ विधानसभाओं मे हो रहे चुनावों में भाजपा को मिलना तय है। लेकिन यह भी पक्का है कि जिस प्रकार से १२५ साल में पहली बार महिला अफसरों को सेना की कमान संभालने का मौका मिला वो बड़ी बात है। ऑस्ट्रेलिया डिफेंस फोर्स में महिलाओं को मिली यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। इस कड़ी में ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में लेफ्टिनेंट जनरल सुशान कायल जुलाई से आस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख का पद संभालेंगी। पीएम एंथनी ने इसे सेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। रक्षामंत्री ने इसे महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। भारत में भी जब ३३ प्रतिशत महिलाएं संसद और विधानसभाओं में होगी तो आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस प्रकार बहुराष्ट्रीय कपंनियों में महिलाओं की भागीदारी हो रही है उसी प्रकार सरकार में भी सभी पदों पर उन्हें काम करने और देश की प्रगृति में अपना सहयोग देने का मौका उपलब्ध होगा। मैं विपक्ष की बात का विरोध तो नहीं कर रहा क्योंकि कुछ मामलों में उनका कहना सही है लेकिन पीएम मोदी ने चुनावों के मददेनजर ऐसे समय में फैसला लिया जब विपक्ष कितना ही विरोध कर ले ज्यादातर मातृशक्ति इस निर्णय के साथ खड़ी होगी। और निर्वाचन के दौरान फायदा मिलेगा ही इस बात से इनकार नहीं कर सकते।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
सराहनीय और समयानुकूल है निर्णय! नारी शक्ति वंदन पीएम ऐसे समय में लाए चुनावों में भाजपा को मिलेगा लाभ, मातृशक्ति इस निर्णय पर पीएम के साथ खड़ी नजर आएगी
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