मेरठ,16 अप्रैल (प्र)। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर अभी कोई रोक नहीं है। स्मार्ट ग्रिड बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए स्मार्ट मीटर पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सकेगी। बुधवार को यह बात पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने कही।
ऊर्जा भवन में पत्रकारों से बातचीत में पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के प्रीपेड मीटर को लेकर जारी आदेश के सवाल पर बताया कि अभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर रोक का कोई आदेश नहीं है। आदेश आने पर पालन कराया जाएगा। शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष सेल का गठन किया गया है।
रिचार्ज करने के बाद भी बिजली नहीं जुड़ने वाले कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से टीमों ने फोन पर और घर-घर जाकर संपर्क किया। 1700 उपभोक्ताओं के घर बंद मिले। 300 लोग पड़ोसी के कनेक्शन से बिजली प्रयोग करते पाए गए। उन्हें मीटर रिचार्ज करने के लिए जागरूक किया गया। बिल सुधार प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए इनका ऑडिट भी कराया जा रहा है।
ऋणात्मक शेष वाले उपभोक्ताओं से अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत विशेष संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए भी विशेष सेल बनाया है। पश्चिमांचल में आई 24396 शिकायतों में से 24003 का निस्तारण कराया गया है। 11 लाख उपभोक्ताओं के मोबाइल पर मैसेज भेजे जा चुके हैं।
एमडी ने कहा कि पश्चिमांचल के 14 जिलों में लगभग 8.50 लाख उपभोक्ताओं ने नकारात्मक शेष को सकारात्मक में बदला है। इससे डिस्कॉम को लगभग 334 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों में से 98 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में रिकनेक्शन की लंबित शिकायतों की संख्या लगभग शून्य है।
निदेशक वाणिज्य संजय जैन ने बताया कि उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही एक क्यूआर कोड वाला स्टिकर भी लगाया जाएगा। इसे स्कैन करते ही उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर संबंधी सारी जानकारी मिल जाएगी। पश्चिमांचल में लगभग 80 लाख उपभोक्ताओं में से 22 प्रतिशत के यहां स्मार्ट मीटर लग चुके हैं।
जागरूकता आने से घट रही शिकायतें
प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने बताया कि स्मार्ट मीटर के प्रति लोग जागरूक हो रहे हैं। इस कारण शिकायतें भी घट रही हैं। पहले पेमेंट गेटवे के कारण रिचार्ज करने के बाद भी बिजली नहीं जुड़ने की समस्याएं आई। उनकी कई स्तरों पर मॉनिटरिंग हो रही है। इस कारण समस्याएं खत्म होती जा रही हैं। जल्दी ही पूरी व्यवस्था स्मार्ट बन जाएगी। उपभोक्ताओं को पंफ्लेट के जरिए भी जागरूक किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अभियंता पीके सिंह, सोनम सिंह, सुनील कुमार, एचके सिंह आदि उपस्थित रहे।
