मेरठ, 16 अप्रैल (प्र)। शास्त्रीनगर सेक्टर दो में ईडब्ल्यूएस और एलआइजी श्रेणी के मकानों में खुली दुकानों को बंद करने और सेटबैक खाली छोड़ने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महिलाओं द्वारा दिया जा रहा धरना छठे दिन भी जारी रहा। एडीएम सिटी बृजेश सिंह और सीओ सिविल लाइंस अभिषेक तिवारी ने पहुंचकर महिलाओं से धरना समाप्त करने के लिए कहा लेकिन महिलाओं ने उनकी एक न सुनी। अधिकारियों से कहा कि राहत देने वाला कोई भी लिखित आदेश मिलने से पहले वे धरना समाप्त नहीं करेंगी। वहीं, सेंट्रल मार्केट में गत दिवस भी दुकानों और अन्य भवनों में अवैध घोषित भाग को तोड़ने का सिलसिला जारी रहा।
शास्त्रीनगर योजना संख्या सात में 814 भवनों में सेटबैक के स्थान को खाली कराने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट समेत शास्त्रीनगर में विभिन्न सेक्टरों में खलबली मची है। सेक्टर दो में ईडब्ल्यूएस और एलआइजी श्रेणी के भूखंड हैं। जिनका क्षेत्रफल 38 और 45 मीटर से लेकर 60 मीटर तक है। इन भवनों में सेटबैक छोड़ने की स्थिति नहीं बची है। जिस कारण यहां निवास करने वाले परिवार परेशान हैं। महिलाएं और बच्चे 10 अप्रैल से यहां धरना दे रहे हैं। महिलाएं पलायन के पोस्टर लेकर धरने पर बैठी थीं और उनकी आंखों में आंसू थे।
इसी बीच गत दिवस धरना स्थल पर एडीएम सिटी बृजेश सिंह और सीओ सिविल लाइंस अभिषेक तिवारी पहुंचे और धरना समाप्त करने के लिए कहा। दोनों अधिकारियों ने धरनारत महिलाओं को समझाया कि यह आंदोलन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध है। यह आप लोगों के खिलाफ जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवंटियों को कोर्ट में जाकर कानूनी लड़ाई लड़नी होगी। रूपाली शर्मा, राधा गुप्ता, शीतल पुजानी, शालू शर्मा, नीलम राजपूत समेत अन्य महिलाओं ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि वे आंदोलन के साथ-साथ कानूनी लड़ाई के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से बात की जा रही है।
सेंट्रल मार्केट में छठे दिन भी रहा धरना
Share.
