ऋषिकेश 16 अप्रैल। देहरादून पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है. 24 वर्षीय रीना उर्फ रीता को ऋषिकेश के नटराज चौक इलाके से पकड़ा गया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया के जरिए रोजगार का झांसा देकर भारत आई थी और पश्चिम बंगाल से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर यहां रहने की कोशिश कर रही थी.
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पिछले कुछ समय से “ऑपरेशन प्रहार” के तहत जिले भर में संदिग्ध और बाहरी व्यक्तियों की सघन जांच चल रही है. इसी कड़ी में 15 अप्रैल को स्थानीय अभिसूचना इकाई से एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि ऋषिकेश के डग रोड स्थित नटराज चौक क्षेत्र में एक बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रही है. सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून ने तत्काल संयुक्त पुलिस टीम गठित की. टीम ने मौके पर पहुंचकर गेट नंबर-3 के पास संदिग्ध महिला को चिन्हित किया और नियमानुसार हिरासत में ले लिया.
हिरासत में पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह बांग्लादेश के सरियातपुर जिले की रहने वाली है. करीब एक महीने पहले वह एक व्यक्ति जिसका नाम रिपोन बताया जा रहा है. जो अवैध तरीके से भारत में घुसी थी. रिपोन ने उसे पहले सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया था और भारत में अच्छे रोजगार का लालच दिया था. पुलिस के मुताबिक रिपोन ने ही उसे 13 अप्रैल का दिल्ली से ऋषिकेश का बस टिकट दिलाया था. यानी गिरफ्तारी से महज दो दिन पहले ही वह ऋषिकेश पहुंची थी. पूछताछ में एक और अहम खुलासा हुआ महिला ने पश्चिम बंगाल में किसी की मदद से फर्जी आधार कार्ड बनवाया था, ताकि खुद को भारतीय नागरिक साबित कर सके और किसी भी जांच में बच निकल सके.
गिरफ्तारी के वक्त महिला के पास से चार चीजें बरामद की गईं. बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र, फर्जी भारतीय आधार कार्ड, बांग्लादेशी नागरिकता प्रमाण पत्र की छायाप्रति, एक मोबाइल फोन आदि.
कोतवाली ऋषिकेश में अभियुक्ता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है. उस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के अलावा पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 3 तथा विदेशी/आव्रजन अधिनियम 2025 की धारा 14 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
