मेरठ 30 जनवरी (प्र)। जिला महिला अस्पताल यानी डफरिन हॉस्पिटल में गत माह हुए एम्बुलेंस अग्निकांड से सबक लेते हुए सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया के आदेश पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अस्पताल में कवाड़ियों की गली के रास्ते पर एक और गेट लगा दिया गया। उक्त गेट पर ताला डाल दिया गया। अस्पताल के मेन गेट पर गार्ड की तैनाती कर दी गई और वहां बाहरी वाहनो की पार्किंग बंद कर दी गई।
जिला महिला अस्पताल में जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय के पास निष्प्रयोजित 108 और 102 सेवा की पांच एम्बुलेंस खड़ी हैं। इस अस्पताल के मुख्य द्वार पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। वहां असामाजिक तत्व नशा करते थे। बाहरी लोग अपने चौपहिया वाहनों की पार्किंग करते थे। दिनभर यहां बाहरी लोगों को जमावड़ा लगा रहता था। इस अस्पताल के एक रास्ते पर कबाड़ियों की दुकानें हैं। वे अपना कबाड़ अवैध रूप से अस्पताल में डाल रहे थे। गत 27 अगस्त को अस्पताल में खड़ी निष्प्रयोजित एम्बुलेंस में असमाजिक तत्वों ने आग लगा दी थी, जिससे दो एम्बुलेंस को भारी क्षति और दो एम्बुलेंस को आंशिक क्षति हुई थी। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने मौका निरीक्षण किया था। इस मामले की जांच भी सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि वहां असामाजिक तत्व पड़े रहते हैं।
इसे सीएमओ ने गंभीरता से लिया था और अस्पताल की सीएमएस डा. मीनाक्षी को मेन गेट पर चौबीस घंटे गार्ड की तैनाती करने, कबाड़ियों के रास्ते पर गेट लगवाने और गेट को 24 घंटे बंद रखने के आदेश दिए थे ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति अस्पताल में बेवजह प्रवेश न कर सके। इसके साथ ही सीएमओ ने अस्पताल में खड़ी होने वाले बाहरी वाहनों की पार्किंग को बंद करने के निर्देश भी दिए थे। अस्पताल के मेन गेट पर गार्ड की तैनाती कर दी गई। अब कबाड़ियों रास्ते पर गेट लगाकर उसपर ताला डाल दिया गया। बाहरी वाहनों की पार्किंग बंद कर दी गई।
