मेरठ 12 मार्च (प्र)। नायब शहर काजी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर आगामी जुम्मा अलविदा और ईद-उल-फितर के त्योहारों के संबंध में कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने विशेष रूप से जुम्मा अलविदा (13 मार्च) और ईद-उल-फितर (संभावित 20 या 21 मार्च) के दिन शराब की दुकानें बंद रखने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि ये दोनों दिन मुसलमानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन दिनों विशेष नमाज़ अदा की जाती है।
काजी ने मस्जिदों और मुस्लिम बहुल इलाकों में विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने शाही जामा मस्जिद कृष्णपाड़ा, हौज वाली मस्जिद खैरनगर, इमलियान मस्जिद, बड़ी मस्जिद शाहपीर गेट और मस्जिद शाहनत्थन जैसे प्रमुख नमाज स्थलों के आसपास विशेष सफाई पर जोर दिया।
इसके अतिरिक्त, मस्जिदों के करीब पानी के टैंकरों की व्यवस्था और मुस्लिम इलाकों में नमाज़ स्थलों तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत की भी मांग की गई, जिसमें बनियापाड़ा पुलिस चौकी के सामने नाले की सफाई का विशेष उल्लेख था।
उन्होंने जुम्मा अलविदा और ईद के दिन पूरे दिन पानी और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया। खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने और शाही जामा मस्जिद व ईदगाह के पास सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने की बात कही गई। काजी ने हिंदू-मुस्लिम मिश्रित इलाकों की मस्जिदों, विशेषकर शाही जामा मस्जिद और शाही ईदगाह में, एक दिन पहले से एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।
सुरक्षा के लिहाज से, ईद-उल-फितर के दिन शाही ईदगाह के गेटों पर डिटेक्टर मशीन और सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव दिया गया ताकि आतंकवादी और शरारती तत्वों पर नज़र रखी जा सके। उन्होंने ईदगाह के ईदगिर्द अश्लील सिनेमा बैनर व पोस्टर न लगने देने, तथा जंगली जानवरों (सुअर) और गाय-भैंसों को सड़कों पर न घूमने देने की भी मांग की। काजी ने ईद के दिन शाही ईदगाह के पास सड़क पर सियासी और निजी पार्टियों को नमाज़ पढ़ने और ईद मिलन के लिए कैंप लगाने की अनुमति देने का भी अनुरोध किया।
