Monday, July 22

40 बीघा कृषि जमीन का दस लाख रुपये में फर्जी नाम से बैनामा करने आया, गिरफ्तार

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मेरठ, 22 सितंबर (प्र)। मवाना तहसील परिसर में स्थित उप निबंधक कार्यालय में गत दिवस 40 बीघा कृषि जमीन का दस लाख रुपये में बैनामा करने आया फर्जी नाम का ग्रामीण पकड़ में आ गया। उप निबंधक ने पुलिस को बुलाकर उसे कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस को सुबूत के तौर पर बैनामा की फोटोकॉपी दे दी गई।
रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा कराने में दोनों पक्षों और दोनों गवाहों के आधार व पैन कार्ड लिये जाते हैं। इन सबकी शिनाख्त बैनामा लिखने वाले दस्तावेज लेखक द्वारा की जाती है। उप निबंधक यादवेन्द्र द्विवेदी ने बैनामा करने आये ग्रामीण से उसके पिता का नाम जानना चाहा तो फर्जी बनकर आया ग्रामीण सही नाम नहीं बता सका। कुछ देर में जवाब देने पर उप निबंधक को शक होने लगा। उन्होंने क्रेता व विक्रेता दोनों से सख्ती से जानकारी की तो मामला खुलता चला गया। किठौर थाना क्षेत्र के भोगपुर निवासी राकेश पुत्र राजबल गुरुवार को फर्जी नाम शिवदत्त पुत्र कल्लू निवासी समसपुर मेरठ तहसील बनकर बैनामा करने आया था। मवाना तहसील के गांव गोविंदपुर निवासी अशोक कुमार पुत्र रघुबर सिंह गांव भोगपुर परगना किठौर की भूमि रकबा 7.5800 हेक्टेयर का बैनामा कराने आया था।

बैनामा कराने आये फर्जी ग्रामीण की जानकारी उप निबंधक यादवेन्द्र द्विवेदी ने मवाना पुलिस को दी। पुलिस आरोपी ग्रामीण को पकड़कर थाने ले गई। उप निबंधक ने फर्जी बैनामे की फोटो प्रति पुलिस को दे दी। उधर थाना प्रभारी क्राइम रामबीर सिंह ने बताया कि इस मामले की तहरीर की प्रतीक्षा की जा रही है, तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। धारा 420 के मामले की रिपोर्ट एसएसपी के आदेश के बाद दर्ज की जा सकेगी।
क्रेता के साथ आये दोनों गवाह थाने नहीं पहुंचे जमीन खरीदने वाले गोविन्दपुर निवासी अशोक के दो गवाह विनोद कुमार निवासी गोविंदपुर और जितेन्द्र निवासी भिडवारा थाने नहीं पहुंचे है।
इस जमीन का बैनामा कराने दो लाख 7 हजार का स्टाम्प भी लगाया गया है। बैनामा नहीं होने पर तीन माह में स्टाम्प भी खराब हो जायेगा। उधर एसडीएम अखिलेश यादव ने कहा कि इस मामले में क्रेता द्वारा तहरीर लेकर पुलिस रिपोर्ट तैयार करेगी। क्रेता की तहरीर पर केस कीकार्रवाई की जायेगी।

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