मेरठ 13 अप्रैल (प्र)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) प्रशासन के एक कदम ने शहर के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। विश्वविद्यालय ने 147 छात्र और पूर्व छात्रों को दागी करार देते हुए उनके नामों की सूची और आपराधिक इतिहास पुलिस को सौंप दिया है। इनके कैंपस में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। इस लिस्ट में भाजपा, सपा, बसपा और रालोद जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़े प्रभावशाली नेताओं के नाम शामिल हैं जिसके बाद शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया।
यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की गई इस काली सूची में उन छात्र नेताओं को भी शामिल किया गया है जो वर्तमान में सक्रिय राजनीति में बड़े पदों पर हैं। इनमें भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी और समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुज जावला जैसे नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा सूची में भाजपा नेता राहुल कुमार उर्फ संसार राणा, अरुण खटाना, सपा नेता कृष्णपाल गुर्जर, प्रदीप कसाना, और रालोद नेता आदित्य पंवार के नाम भी दर्ज हैं।
सूची में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय सिंह राणा, एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोहित राणा और कांग्रेस नेता लव कसाना का नाम होने से छात्र राजनीति से जुड़े लोग आक्रोशित हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में कार्तिक जिंदल का भी नाम है जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं।
विश्वविद्यालय प्रबंधन का तर्क है कि ये छात्र और पूर्व छात्र कैंपस की कानून व्यवस्था को खराब कर सकते हैं। विवि ने स्पष्ट किया है कि सत्र 2025-2026 के हवाले से इन दागी छात्रों के कैंपस प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार इन व्यक्तियों पर पूर्व में आपराधिक प्राथमिकी दर्ज हैं या छात्र राजनीति के दौरान अनुशासनहीनता के चलते इन्हें निलंबित/निष्कासित किया गया था।
शनिवार को जैसे ही काली सूची की जानकारी सार्वजनिक हुई छात्रनेता अक्षय बैंसला के नेतृत्व में दर्जनों छात्रों ने विवि परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन जानबूझकर उन नेताओं को बदनाम कर रहा है जिनका अब पढ़ाई या छात्र राजनीति से कोई वास्ता नहीं है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सम्मानजनक तरीके से नाम नहीं हटाए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सीसीएसयू चीफ प्रोक्टर प्रोफेसर वीरपाल सिंह का कहना है कि सीसीएस यूनिवर्सिटी में हंगामा, प्रदर्शन और अपराध की घटना कर माहौल खराब करने वाले छात्र और बाहरी युवकों की लिस्ट बनाई। कानून व्यवस्था बनाने की मांग रखी गई है। किसी भी छात्र, बाहरी युवक को लिस्ट में लिखे नाम पर आपत्ति है तो वह यूनिवर्सिटी में लिखकर दे सकते हैं। इस पर विचार किया जाएगा।
