मेरठ 23 अगस्त (प्र)। खरखौदा में किसानों के धरना स्थल पर औद्योगिक गलियारे को निरस्त करने की मांग के लिए शुक्रवार को किसान संघर्ष समिति के तत्वाधान में पंचायत हुई। इसमें पहुंचे विशिष्ट अतिथि त्यागी ब्राह्मण भूमिहार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी सहित अन्य सभी वक्ताओं ने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए औद्योगिक गलियारा योजना को निरस्त करने की मांग की।
मांगेराम त्यागी ने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने किसानों के साथ जोर जबरदस्ती की तो आने वाले चुनाव में उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे खरखौदा नगर पंचायत चेयरमैन मनीष त्यागी व कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष गौरव भाटी ने भी किसान आंदोलन में अपना समर्थन दिया।
मांगेराम त्यागी ने खरखौदा छतरी मोड़ पर आयोजित पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि जब किसान अपनी जमीन देने को राजी नहीं है तो प्रशासन क्यों जबरदस्ती कर रहा है। औद्योगिक गलियारा योजना को निरस्त करने की मांग करते हुए प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार में पार्टी चाहे कोई भी हो किसान की किसी को परवाह नहीं। अगर सरकार को औद्योगिक गलियारे का निर्माण करना है तो सरकार में बैठे बड़े मंत्रियों अन्य पार्टियों के बड़े पदाधिकारियों की दिल्ली के चारों ओर जमीन हैं। सरकार किसानों की जमीन को छोड़कर उनमें औद्योगिक गलियारे का निर्माण करे। किसानों का उत्पीड़न कर पूर्व में कई सरकारें चली गई और यदि यह सरकार भी मनमानी करेगी तो इसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भुगतना होगा।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग गलियारा बना रहे हैं। 27 के चुनाव में यह लोग गलियारे में दौड़ते नजर आएंगे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भाटी ने समर्थन देते हुए कहा कि कहा कि आज के युग में किसान व जवान दोनों पर अत्याचार हो रहा है। अधिग्रहण किसी सूरत में नहीं होने देंगे। ग्रामीणों की लड़ाई में पूरा साथ देंगे। चेयरमैन मनीष त्यागी ने आर्थिक मदद के रूप में 51000 की नगदी देखकर किसानों के इस संघर्ष में सड़क से लेकर संसद तक उनका समर्थन किया। किसान कृषि के अलावा कोई कार्य नहीं कर सकता।
यदि प्रशासन द्वारा जमीन ले ली गई तो क्षेत्र का किसान भूखा मरने की कगार पर आ जाएगा। वहीं जनता दल नेता सुनील त्यागी ने, भाजपा नेता प्रबोध शास्त्री, विनोद त्यागी युवा किसान मनीष त्यागी सहित अन्य कई लोगों ने भी किसानों की इस लड़ाई को सही ठहराया। कार्यक्रम का संचालन इंद्रमुनि त्यागी व मामचंद नागर ने व अध्यक्षता कचेडू सिंह ने की। पंचायत में शौराज त्यागी, राजकुमार, बृजपाल प्रधान, श्योपाल सिंह, राजकुमार सिंह, मनोज भड़ाना, लीलू नागर सहित कई लोग मौजूद रहे।