Friday, August 29

पाकिस्तान जिंदाबाद कहना राजद्रोह नहीं : हाईकोर्ट

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शिमला, 23 अगस्त। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पांवटा साहिब के सुलेमान को जमानत दे दी है, जिस पर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखने के आरोप में देशद्रोह का केस दर्ज हुआ था।

अदालत ने कहा कि यह राजद्रोह का मामला नहीं है क्योंकि इस तरह की पोस्ट न तो भारत सरकार के खिलाफ घृणा या असंतोष फैलाती है और न ही अलगाववाद या सशस्त्र विद्रोह को बढ़ावा देती है। विदित हो कि 27 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पोस्ट फेसबुक पर डाली गई थी, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 के तहत सुलेमान पर मामला दर्ज किया। 8 जून को आरोपी ने खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था और तभी से वह जेल में था। दूसरी ओर, सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल ने कहा कि पोस्ट भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण हालात में की गई थी, इसलिए यह गंभीर मामला है। जस्टिस राकेश कैंथला ने आदेश देते हुए कहा कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ शब्द अपने आप में राजद्रोह नहीं बनता।

कोर्ट में सुलेमान ने कहा कि वह अशिक्षित है और सोशल मीडिया का संचालन नहीं करता. उसका फेसबुक अकाउंट उसके बेटे ने बनाया था और बेटे ने ही यह पोस्ट डाली. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सुलेमान और शिकायतकर्ता के बीच पैसों का विवाद चल रहा था. इसलिए शिकायत दी गई. वहीं, एडिशनल एडवोकेट जनरल लोकेंद्र कुटलेहरिया ने कोर्ट में कहा कि यह पोस्ट उस वक्त डाली गई, जब भारत पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था और रिश्ते अच्छे नहीं थे और ऐसे में जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

उधर, अदालत ने माना कि आरोपी को और अधिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है और ऐसे में उसे 50,000 रुपये के निजी मुचलके जमानत दी गई है. हालांकि, कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं औऱ उसे हर तारीख पर पेश होना होगा और सात दिन से ज्यादा घर से बाहर जाने पर पुलिस को जानकारी देनी होगी. गौर रहे कि यदि इन शर्तों का उल्लंघन हुआ तो जमानत रद्द करने की मांग की जा सकती है.

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