Monday, April 15

अतुल प्रधान के आंदोलन और उसे मिल रहे जन समर्थन का असर, मेडा ने शुरू की न्यूटिमा को सील करने की कार्रवाई, लिखा सीएमओ को पत्र

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मेरठ 02 दिसंबर (प्र)। नौ साल दो दिन बाद ही सही आखिर बड़े दिग्गजों द्वारा संचालित गढ़ रोड़ स्थित न्यूटिमा हॉस्पिटल पर सील लगने की कार्रवाई हुई शुरू। स्मरण रहे कि जब इस हॉस्पिटल का निर्माण हो रहा था तभी दैनिक केसर खुशबू टाइम्स और ऑन लाईन न्यूज चैनल ताजा खबर आदि में इसके अवैध निर्माण और मानचित्र के विपरित बनाये गये नर्सिंग होम को लेकर उसका बिन्दुवार खुलासा किया गया था लेकिन उस समय मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने जैसा और मामलों में चुप्पी साधते है इसमें भी मौन साधकर बैठ गये थे। अब सरधना के सपा विधायक अतुल प्रधान द्वारा इसके विरूद्ध चलाये गये अभियान में जो हॉस्पिटल के नियम विरूद्ध कारनामें खुलकर सामने आ रहे है। और जनता के सड़कों पर उतरने की बढ़ रही संख्या तथा अतुल प्रधान के आंदोलन को मिल रहे समर्थन को ध्यान में रखते हुए मेडा ने न्यूटिमा पर सील लगाने हेतु मरीजों को शिफ्ट करने हेतु सीएमओ को पत्र लिखा।

इस संदर्भ में एक खबर के अनुसार मानकों के विपरीत चल रहे गढ़ रोड स्थित न्यूटिमा अस्पताल पर मेडा ने कारण कुछ भी हो सख्त रवैया अपनाया है। मेडा ने अस्पताल की बिल्डिंग को सील करने के हेतु मरीजों को शिफ्ट कराने के लिए पत्र सीएमओ को भेजा है। अस्पताल को भेजे गए 21 दिन में जवाब दाखिल करने के नोटिस की मियाद भी 4 दिसंबर को खत्म हो रही है। जवाब न मिलने पर मेडा की ओर से सीएमओ को पत्र भेजा गया है।

मेडा सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 28 नवंबर 2014 को न्यूटिमा अस्पताल का नक्शा स्वीकृत कराया गया था। इसके तहत लोअर बेसमेंट एवं अपर बेसमेंट में पार्किंग का प्राविधान किया गया था लेकिन मौके पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा पार्किंग के स्थान पर मैनेजमेंट ऑफिस, पैथोलॉजी लैब व जांच केंद्र संचालित मिले। इसके अलावा बेसमेंट का इस्तेमाल पावर हाउस के रूप में किया जा रहा है। इसलिए अस्पताल के खिलाफ 20 अक्टूबर 2021 को सीलिंग के आदेश दिए गए थे। अस्पताल संचालक की ओर से इसके खिलाफ वाद दायर किया गया था। 18 नवंबर 2022 को निस्तारित कर दिया गया। इसके तहत स्वीकृत मानचित्र में पार्किंग हेतु आरक्षित स्थल पर 40 प्रतिशत क्षेत्र में किए गए पार्टीशन को एक माह की अवधि के अंदर हटाने के निर्देश दिए गए थे।

अस्पताल को 21 दिन का नोटिस दिया था, जिसकी मियाद 4 दिसंबर को खत्म हो रही है। अब मेडा ने सीएमओ को पत्र भेजकर कहा है कि, न्यूटिमा हैल्थ केयर प्रालि नर्सिंग होम में रोगियों का इलाज किया जा रहा है। इस कारण प्राधिकरण की कार्रवाई से पहले मरीजों के स्वास्थ्य हित एवं जीवन रक्षा के तहत उन्हें स्थानांतरित किया जाना जरूरी है। मरीजों को स्थानांतरित करने के साथ विकास प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान जीवन रक्षक दवाओं व उपकरणों तथा चिकित्सक एंबुलेंस सहित उपस्थित रहने के लिए पर्याप्त तैयारी करने को कहा है।

वहीं दूसरी ओर न्यूटिमा अस्पताल के खिलाफ विधायक अतुल प्रधान के समर्थकों ने अर्धनग्न होकर कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन भी किया जा चुका है और जमकर नारेबाजी। स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन भी किये जा रहे है, जिस पर लिखा होता है इंसानी जीवन अमूल्य है, इसका व्यापार बंद करो।

बता दें कि न्यूटिमा अस्पताल के मामले को लेकर आईएमए के डॉक्टर और अतुल प्रधान आमने-सामने हैं। दोनों एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस मामले में अतुल प्रधान और मरीज के परिवार वालों पर रिपोर्ट भी दर्ज है, जिसमें चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। न्यूटिमा अस्पताल में इलाज व दवाई बिल को लेकर विवाद हुआ था। गत बुधवार को विधानसभा में भी यह मामला उठा था।

न्यूटिमा को सील होने से बचाने के लिए तलाशी जा रही है संभावनाऐं
दूसरी तरफ चर्चा है कि बेसमेंट में पार्किंग की जगह ऑफिस लैब पावर हाउस और अन्य निर्माण मानचित्र के विपरित किये जाने पर मेडा ने कार्रवाई तो शुरू की है लेकिन इस पर अमल होगा या नहीं इसको लेकर नागरिकों में चर्चा व्याप्त है। मौखिक रूप से कुछ जागरूक सूत्रों का कहना है कि मेडा के कुछ अवैध निर्माण से संबंध वो अधिकारी जिनकी इस मामले में गर्दन फंस सकती है उनके द्वारा अस्पताल प्रंबधन को न्यायालय का द्वार खटखटाने और मामले को आगे खिचवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है इसमें कितनी सच्चाई है यह तो जांच के उपरांत ही पता चलेगा। लेकिन कई बार प्राधिकरण न्यूटिमा को नोटिस आदि दे चुका है मगर कार्रवाई अभी तक नहीं की। इसलिए कहीं न कहीं ऐसी संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। चर्चा यह भी है कि न्यूटिमा के मरीजों को हटाया तो मेडिकल भेजा जा सकता है।

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