Monday, April 15

पहल: वाहनों का शोर रोकने के लिए दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर लगेंगे साउंड बैरियर

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पूर्वी दिल्ली, 14 दिसंबर। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के किनारे रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों के लोगों को वाहनों की आवाज बेचैन नहीं करेगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) इस हाईवे पर साउंड बैरियर लगाएगा। ये बैरियर वाहनों की आवाज को इतना कम कर देगा कि घरों औरे प्रतिष्ठानों के अंदर शोर महसूस नहीं होगा। बाहर आने पर मामूली आवाज आएगी।

भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह हाईवे
भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस हाईवे का 14.75 किलोमीटर का हिस्सा राष्ट्रीय राजधानी की सीमा में अक्षरधाम मंदिर के पास एनएच-नौ से गीता कॉलोनी, न्यू उस्मानपुर, शास्त्रीपार्क, खजूरी खास होते हुए यूपी बार्डर (लोनी) तक पुश्ता रोड तक बन रहा है।
इस बीच 6.5 किलोमीटर का एलिवेटेड खंड है। इसमें छह मुख्य लेन हैं। बाकी सर्विस लेन रहेंगी। इस हाईवे के बनने से सहारनपुर और देहरादून की ओर जाने वाले और वहां से आने वाले वाहनों का दबाव इस क्षेत्र में बढ़ जाएगा।

हार्न की आवाज से लोगों को हो सकती थी परेशानी
ऐसे में वाहनों और हार्न की आवाज हाईवे के किनारे बसे रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों के लोगों को परेशान कर सकती थी। रिहायशी क्षेत्रों में नींच और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा था। व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यापारियों को कारोबार में दिक्कत होती।
यह सोच कर एनएचएआइ ने साउंड बैरियर लगाने का निर्णय लिया है, इसका काम जल्द शुरू हो जाएगा। एनएचएआइ के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी की सीमा में हाईवे के किनारे एलिवेटेड खंड के आसपास ही आबादी ज्यादा है। ऐसे में इस खंड के किनारे ही साउंड बैरियर लगाएंगे।

1.1 मीटर होगी ऊंचाई
हाईवे के दोनों किनारों पर साउंड बैरियर लगाए जाएंगे। एनएचएआइ के अधिकारियों ने बताया कि किनारों पर 1.1 मीटर के सीमेंटेड क्रैश बैरियर बनाए गए हैं। उनके पर 1.1 मीटर के ही साउंड बैरियर लगाए जाएंगे।
इस तरह के साउंड बैरियर में बाहरी हिस्से के बीच में ग्लास वूल भरा होता है, जोकि ध्वनि को रोकने में सहायक होता है। इसकी मदद से रोड की सीमा के बाहर आवाज 55 डेसिबल से कम हो जाती है, जोकि मानक अनुरूप होती है।

एंटी ग्लेयर स्क्रीन लगेगी
हाईवे के मध्य में एंटी ग्लेयर स्क्रीन लगाई जाएंगी। ताकि दोनों तरफ के किनारों की पहली लेन में वाहन चलाने वालों को एक-दूसरे की हेडलाइट की रोशनी परेशान न करे। इस तरह की व्यवस्था एक्सप्रेसवे पर होती है।
ये हैं ध्वनि मानक
क्षेत्र दिन रात
रिहायशी 55 45
व्यावसायिक 65 55
(ध्वनि मानक डेसिबल में)
अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ का कहना है कि रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र एलिवेटेड खंड के सबसे करीब है। इसलिए इस खंड में ही साउंड बैरियर लगाए जाएंगे। इससे वाहनों की आवाज लोगो को परेशान नहीं करेगी।

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