Monday, April 15

150 करोड़ की लागत से बना मेडिकल का सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक कुप्रबंधन का शिकार, मरीजों के ऊपर टूटकर गिर रही सीलिंग

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मेरठ 15 मार्च (प्र)। करीब 150 करोड़ की लागत से बना लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज का सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक कुप्रबंधन का शिकार हो गया है। गुरुवार को पूरे ब्लाक की फाल्स सीलिंग टूटकर मरीजों के ऊपर गिरती रही। उपचार को पहुंच रहे मरीज भी खुद को असुरक्षित महसूस करते रहे, इसके बाद भी मेडिकल कालेज प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। इतना कुछ होने के बाद भी टूटी सीलिंग को बदलने लिए कोई प्रक्रिया शुरू नही हुई ।

मेडिकल कालेज परिसर में वर्ष 2015 में सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक का निर्माण शुरू हुआ था । सात सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सीय सेवाएं कार्डियक थोरेसिक सर्जरी, कार्डियोलाजी, नेफ्रोलाजी, प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, न्यूरोलाजी और न्यूरोसर्जरी से एम्स व पीजीआइ जैसे उपचार की संकल्पना की गई थी। कोरोना महामारी के दौरान इसे कोविड-19 के सेंटर के रूप में देखा गया। सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक शुरू हुए आठ साल ही बीत गए हैं। यहां बड़े मेडिकल संस्थानों जैसा उपचार तो सुलभ नहीं हो पाया, बल्कि इमारत में बनाई गई फाल्स सीलिंग जरूर टूट गई है । यह मरीजों के सिर के ऊपर लटक रही है। इसके अंदर से गुजर रहे बिजली के तार खुल गए जिससे हर वक्त शार्ट सर्किट का खतरा मंडरा रहा है ।

सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक के प्रमुख अधीक्षक डा. अखिल प्रकाश का कहना है कि फाल्स सीलिंग बंदरों ने तोड़ दी है। गेट पर सुरक्षा कर्मी रहते हैं, लेकिन बंदर मौका पाकर सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक के भवन के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। बंदरों को रोकने के लिए सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक गेट लगाने का प्रस्ताव प्राचार्य को दिया है।

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