Tuesday, June 18

शहर में सिर्फ आठ माह में सिर्फ 1400 कुत्तों को लगे टीके

Pinterest LinkedIn Tumblr +

मेरठ, 09 दिसंबर (प्र)। पालतू कुत्तों के एंटी रेबीज टीकाकरण की स्थिति चिंताजनक है। आठ माह में सिर्फ 1400 पालतू कुत्तों को ही एंटी रेबीज टीका लगा है। ये आंकड़े सूरजकुंड रोड स्थित कैनाइन रेबीज कंट्रोल यूनिट के हैं। यहां पालतू कुत्ते व बिल्ली को महज 10 रुपये में एंटी रेबीज टीका लगाया जाता है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि यहां कुत्ता पालने के शौकीन गिने-चुने लोग ही पहुंच रहे हैं। इसे प्रचार- प्रसार में कमी कहें, या जागरूकता की कमी। दोनों ही वजहों से शहर में पालतू कुत्ते के काटने से रेबीज संक्रमण का खतरा बना है।

सूरजकुंड रोड स्थित पशु चिकित्सालय परिसर की कैनाइन रेबीज कंट्रोल यूनिट में वित्तीय वर्ष 2023-24 में एक अप्रैल से 30 नवंबर तक कुल 1,773 एंटी रेबीज टीके लगाए गए हैं। इनमें लगभग 1400 पालतू कुत्तों को एंटी रेबीज टीके लगे हैं। जबकि शेष टीके बिल्लियों को लगाए गए हैं। पशुपालन विभाग के अंतर्गत वर्ष 2002 में मेरठ में कैनाइन रेबीज कंट्रोल यूनिट शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य रेबीज संक्रमण के बढ़ते खतरे को कम करना था। इसके लिए नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर मोहल्लों कालोनियों में कैंप लगाने थे। पालतू कुत्तों को कैंप में ही एंटी रेबीज टीका लगाना था। साथ ही लोगों को रेबीज संक्रमण के खतरे के प्रति जागरूक करना था। लेकिन इस यूनिट और नगर निगम के बीच कोई समन्वय नहीं है। कैनाइन रेबीज कंट्रोल यूनिट का महीने में दो से तीन कैंप लगाने का दावा है, वहीं नगर निगम ने पूरे साल में सिर्फ एक कैंप लगाया है। जबकि हर महीने 15 से 20 कैंप लगने चाहिए। शहर में एक अनुमान के मुताबिक 30 हजार से ज्यादा पालतू कुत्ते हैं। दरअसल, कैनाइन रेबीज कंट्रोल यूनिट के पास प्राइवेट पशु चिकित्सकों द्वारा लगाए जा रहे एंटी रेबीज टीकाकरण का कोई रिकार्ड मौजूद नहीं है।

इसलिए जरूरी है पालतू कुत्ते को एंटी रेबीज टीका लगवाना
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी के अनुसार कुत्तों को एंटी रेबीज टीका लगवाने से उनमें रेबीज वायरस के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। एंटी रेबीज टीका लगा होने पर अगर कुता किसी को काटता है तो उसमें रेबीज का संक्रमण फैलने का खतरा बहुत कम होता है। अगर कुत्ते को एंटी रेबीज टीका नहीं लगा है और वह किसी को काट लेता है तो उसमें शत-प्रतिशत रेबीज संक्रमण फैलने का खतरा होता है। इसलिए जरूरी है कि एंटी रेबीज टीका कुते को प्रतिवर्ष लगवाएं।

पालतू कुत्तों को एंटी रेबीज टीका लगाने का शेड्यूल
तीन माह के पालतू कुते को पहला टीका लगाया जाता है। पहले टीके के तीन सप्ताह बाद दूसरा टीका लगाया जाता है। इसके बाद प्रतिवर्ष पालतू कुत्ते को एंटी रेबीज टीका लगवाना होता है। प्राइवेट में यह टीका 100 रुपये तक लगता है, जबकि कैनाइन रेबीज कंट्रोल यूनिट में यही टीका मात्र 10 रुपये में लगता है।
डा. हरपाल सिंह, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम का कहना है कि कंट्रोल यूनिट के अधिकारियों से संपर्क करके नगर निगम मोहल्लों-कालोनियों में ज्यादा से ज्यादा कैंप लगवाएगा। इसके लिए जल्द ही बैठक कर अभियान की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

Share.

About Author

Leave A Reply