Friday, April 19

खस्ता हाल जर्जर होती मेरठ प्रेस क्लब की बिल्डिंग, डीएम साहब इस सरकारी संपत्ति को बचाने के लिए कुछ तो कीजिए

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दैनिक केसर खुशबू टाइम्स
मेरठ, 01 मार्च (विशेष संवाददाता) मंगल पांडे नगर स्थित मेरठ प्रेस क्लब जो एक समय में भरपूर रूप से गुलजार रहा करता था। क्योंकि रोज कोई ना कोई वीआईपी वहां पत्रकार सम्मेलन आदि करते थे। एक बार इसके चुनाव तत्कालीन जिलाधिकारी कामिनी रतन चौहान जी द्वारा जिला निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से कराए गए। बड़े घमासान और भारी सुरक्षा के बीच जब मेरठ प्रेस क्लब की कमेटी चुनी गई तो वहां हमेशा मेला लगा रहता था लेकिन उसके बाद चुनाव हो नहीं पाए और क्लब विरान रहने लगा। आश्चर्य की बात यह है कि चारों तरफ से खुला और दीवारों से घिरा मेरठ प्रेस क्लब की लोकेशन इतनी महत्वपूर्ण है कि अगर यह प्राइवेट बिल्डिंग होती तो लाखों रूपये महीने की इनकम इससे किराये से भी होती रहती क्योंकि चारों तरफ दुकानें बनाई जा सकती थी।

यह जिला प्रशासन के अंडर में में डीएम साहब इसके अध्यक्ष और सूचना अधिकारी इसके सचिव होते हैं। लेकिन सूचना विभाग पर कोई बजट किसी प्रकार का नहीं है। डीएम साहब की सुबह से शाम तक इतने कार्य होते हैं कि वह चाहें तो भी इधर ध्यान नहीं दे सकते। मेरठ प्रेस क्लब की कमेटी कोई है नहीं तो यह बिल्डिंग अब लावारिस सी हो गई है। चारों तरफ से इसकी दीवारें टूट चुकी हैं। गेट भी टूट फूट गया है। अंदर इसका सीवर खराब है। रखरखाव ना होने से करोड़ों की यह सरकारी बिल्डिंग जर्जर होती जा रही है। पिछले दिनों डीएम दीपक मीणा के स्तर पर शायद एक कमेटी बनाई गई थी मगर वो भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं दे पाई जिसके चलते मेरठ प्रेस क्लब की खस्ता हालत का शब्दों में बखान कर पाना उचित नहीं है।

पत्रकार भी चाहते हैं कि इसमें सुधार हो लेकिन ग्रामीण कहावत भगत सिंह तो पैदा हो लेकिन पड़ोसी के घर में के समान मेहनत करने को ना कोई तैयार है ना आगे आता नजर आ रहा है। जिलाधिकारी जी मेरठ प्रेस क्लब के सुधार में कोई बजट की आवश्यकता नहीं है क्योंकि पूर्व में भी आवास विकास मेरठ विकास प्राधिकरण और नगर निगम इसके रखरखाव की व्यवस्था करते रहते हैं। आप से अनुरोध है कि अपने स्तर पर इन विभागों के अफसरों को बुलाकर निर्देश दे दीजिए। इनके रखरखाव के लिए पैसे के लिए कोई कमी नहीं है। मेरठ प्रेस क्लब की सरकारी संपत्ति है जो पुन गुंजायमान हो जाएगी। और मेरठ के पत्रकार तथा वीआईपी आपके हमेशा आभारी रहेंगे। जिलाधिकारी जी अगर आप थोड़ा सा दिलचस्पी ले और सूचना अधिकारी की अध्यक्षता में एक 11 या 21 सदस्यीय कमेटी गठित कर दें तो मेरठ प्रेस क्लब के सुधार के लिए सांसद और विधायक, एमएलसी निधि से भी इसका सुधार हो सकता है। बस आवश्यकता थोड़ा ध्यान देने की है।

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