Tuesday, June 18

यूपीपीसीएस रिजल्टः देवबंद के सिद्धार्थ बने टॉपर, मेरठ की शुभि गुप्ता ने महिला वर्ग में प्रदेश में पाया पहला स्थान

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मेरठ 24 जनवरी (प्र)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा चयन आयोग (पीसीएस) की परीक्षा में मेरठ की शुभि गुप्ता ने परचम लहरा दिया। उन्होंने महिला वर्ग में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि ओवरऑल सातवां स्थान हासिल किया है।
शुभि वर्तमान में गाजियाबाद में जीएसटी अधिकारी के पद पर तैनात हैं। शुभि का परिवार मेरठ के थापरनगर में रहता हैं। यहां इनके दादा राजेंद्र प्रसाद गुप्ता और दादी हेमलता गुप्ता रहती हैं। राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि शुभि गाजियाबाद में जीएसटी अधिकारी होने की वजह से वहीं पर रहकर पीसीएस की तैयारी कर रही थीं। पिता संदीप गुप्ता कानपुर में श्रम विभाग में डायरेक्टर ऑफ बॉयलर्स के पद पर तैनात हैं।

शुभि की प्रारंभिक पढ़ाई भी कानपुर में ही हुई है। पीसीएस की परीक्षा तीन चरणों में होती है। प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार होता है। इस साल आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश के दो विशेष प्रश्न पत्रों को जोड़ा गया था। आयोग ने इस परीक्षा का परिणाम मात्र नौ महीने में दे दिया है। इससे पहले अमूमन एक साल से ज्यादा लग जाता था।
मुख्य परीक्षा का परिणाम 22 दिसंबर को घोषित किया गया था, जिसमें साक्षात्कार के लिए 451 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए थे। साक्षात्कार के बाद 251 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है।

बता दें कि सहारनपुर जिले के दूधा मोहल्ला, देवबंद निवासी सिद्धार्थ गुप्ता ने परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, प्रयागराज के प्रेम शंकर पांडेय मेरिट में दूसरे और हरदोई के सात्विक श्रीवास्तव तीसरे स्थान पर हैं। चयनित अभ्यर्थियों में 167 पुरुष और 84 महिलाएं (33.46 फीसदी) हैं। पीसीएस-2023 की टॉप टेन मेरिट में आठ पुरुष एवं दो महिला और टॉप 20 मेरिट में 13 पुरुष एवं सात महिलाएं शामिल हैं। महिला वर्ग में मेरठ की शुभि गुप्ता अव्वल हैं, जबकि मेरिट में उन्हें सातवां स्थान मिला है। 19 प्रकार के पदों के लिए 251 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया है। आयोग ने आठ माह नौ दिन में परिणाम देकर नया कीर्तिमान बनाया है।

चयनितों में ओबीसी श्रेणी के 77, एससी श्रेणी के 55 और एसटी श्रेणी के दो अभ्यर्थी शामिल हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित एक पद और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित एक पद यानी दो पद संगत श्रेणी में उपयुक्त अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण खाली रह गए। आयोग ने इन दोनों पदों के पुनर्विज्ञापन की संस्तुति की है।

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