Monday, March 2

युवक को पीटा, कुल्हाड़ी से हमले की कोशिश, भाजपाइयों ने किया हंगामा

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मेरठ 02 मार्च (प्र)। नौचंदी थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर में घर के बाहर बने चबूतरे की मरम्मत करने पर दो समुदाय के युवकों में विवाद हो गया। आरोप है कि मरम्मत करा रहे गोल्डी आनंद पर रविवार को कुछ युवकों ने पुलिस के सामने पीटा और कुल्हाड़ी से हमले की कोशिश की। इसके बाद पुलिस गोल्डी को ही थाने लेकर आ गई। इस पर भाजपाई भड़क गए और उन्होंने थाने पहुंचकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे सीओ सिविल लाइंस अभिषेक तिवारी ने भाजपाइयों को आश्वासन दिया। इसके बाद तीन नामजद समेत सात पर एससी-एसटी एक्ट, मारपीट व धमकी की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई।

सिद्धार्थ नगर निवासी गोल्डी आनंद के अनुसार शनिवार को वह अपने घर के बाहर पुराने चबूतरे की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने वहां पहुंचकर मरम्मत का विरोध शुरू कर दिया और चबूतरा छोटा करने के लिए दबाव बनाने लगे। शनिवार को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करा दिया था लेकिन रविवार को विवाद फिर गहरा गया। आरोप है कि गली के पीछे बूचड़खाना चलाने वाले कुछ युवक गोल्डी के घर पहुंचे और चबूतरा तोड़ने की कोशिश करने लगे। जब गोल्डी ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और कुल्हाड़ी से हमला करने की कोशिश की।

घटना के बाद पुलिस जब पीड़ित गोल्डी को ही थाने ले आई तो भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा, विक्रम शर्मा व अन्य कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। भाजपाइयों ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस दोषियों को संरक्षण दे रही है और पीड़ित को ही प्रताड़ित कर रही है। हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सिविल लाइंस अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने शुऐब, नईम, राजा, हाजी इमरान और चार अन्य अज्ञात युवकों के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।

दो समुदायों के बीच का मामला होने के कारण सिद्धार्थ नगर में तनाव व्याप्त है। मामले में दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क हैं। दूसरे पक्ष का दावा है कि चबूतरा बनने से रास्ता संकरा हो रहा था, इसलिए वे उसे छोटा करने की मांग कर रहे थे। वहीं, गोल्डी पक्ष का कहना है कि वे केवल पुराने चबूतरे की मरम्मत कर रहे थे।

इस बीच आसपा नेता बदर अली ने कहा कि पुलिस को किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। सीओ अभिषेक तिवारी ने स्पष्ट किया है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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