Sunday, April 14

10 साल पुरानी नौकरानी ने ही की इंजीनियर के घर चोरी, 27 लाख कैश बरामद

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लखनऊ 03 जनवरी। विभूतिखंड के विराज खंड पांच में रहने वाले इंजीनियर के घर चोरी का ताना बाना उनकी ही 10 वर्ष पुरानी नौकरानी ने बुना था। अलमारी में जरूरत से ज्यादा कैश और जेवर देख उसके मन में लालच आ गया था। उसने बेटे और दामाद को साथ मिलाकर गांव के तीन अन्य युवकों को गिरोह में शामिल किया और एक माह पहले रेकी करवाई थी। डीसीपी ईस्ट की क्राइम टीम और विभूतिखंड पुलिस ने नौकरानी समेत 6 चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से 27 लाख रुपये कैश, सोने की तीन अंगूठियां, एक चेन और चोरी के रुपये से खरीदे गए तीन आईफोन बरामद किए हैं।

एडीसीपी ईस्ट अली अब्बास ने बताया कि पकड़े गए चोर लखीमपुर खीरी के सदर इमली चौराहा कपूरथला निवासी अनुराधा उर्फ राधा, अभय, सुमित सिंह, सुधीर कश्यप, दीपक कश्यप और गुलफाम हैं। पकड़ा गया अभय अनुराधा का बेटा, जबकि सुमित दामाद है। मां-बेटे और दामाद विराज खंड में ही तखवा के पास रहते थे। अनुराधा विराज खंड पांच निवासी महेश्वरी प्रसाद के वहां नौकरानी थी। सिंचाई विभाग में जोनल इंजिनियर के पद पर झांसी में तैनात महेश्वरी 20 दिसंबर को ड्यूटी पर चले गए, जबकि उनकी पत्नी पूनम लाल सुशांत गोल्फ सिटी में थी। मालिक के घर चोरी का दिन और समय तय कर चुकी अनुराधा 23 दिसंबर को काम करके लौटते समय अंदर के दरवाजे खुले छोड़ आई थी। रात करीब पौने दो बजे सुधीर दीपक और गुलफाम मकान में दाखिल हुए और अंदर के दरवाजे व अलमारी तोड़कर लॉकर में रखे 35 लाख रुपये और सोने चांदी के जेवर समेट लिए। सुबह करीब पांच बजे तीनों घर से निकले और जिस बाइक से आए थे, उसी से लखीमपुर लौट गए।

पूछताछ में अनुराधा ने बताया कि मकान मालिक महेश्वरी ड्यूटी की वजह से ज्यादातर बाहर रहते थे। उनकी पत्नी पिछले 6 माह से सुशांत गोल्फ सिटी में रह रही थीं। घर में रखा कैश और जेवर देख उसकी नीयत खराब हो गई। अभय और सुमित को साथ मिलाकर चोरी का प्लान बनाया। सुमित ने गांव के सुधीर, दीपक और गुलफाम से संपर्क कर गिरोह में शामिल कर लिया। एक माह पहले तीनों लखीमपुर से विराज खंड आए थे, जहां आने जाने वाले रास्ते की कायदे से रेकी की। चोरी का मौका तलाश रही अनुराधा ने महेश्वरी के जाते ही 23 दिसंबर को तीनों साथियों को बुला लिया था। सुधीर, दीपक और गुलफाम पौने दो बजे रात में घर में दाखिल हुए और सुबह करीब पांच बजे निकल गए।

इंस्पेक्टर विभूतिखंड सुनील सिंह ने बताया जांच के दौरान फरेंसिक टीम ने नोटिस किया कि घर में ज्यादा तोड़फोड़ नहीं हुई है। चोरों ने सिर्फ उस अलमारी को हाथ लगाया, जिसमें कैश और जेवर रखे थे। ऐसे में माना जा रहा था चोरों के गिरोह में कोई ऐसा है जिसे घर में कैश और जेवर कहां रखे हैं ये मालूम था। बाहर से फोर्स इंट्री न होने से पुलिस का शक और गहरा हो गया। अनुराधा, सुमित और अभय को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो अनुराधा ने चोरी की बात कबूल कर ली।

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