Monday, January 26

सरकारी प्रमाण देकर फिर व्यापारियों को अवैध बताना बंद करे सरकार : लोकेश अग्रवाल

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मेरठ 20 जनवरी (दैनिक केसर खुशबू टाइम्स)। व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्री लोकेश अग्रवाल ने कहा कि जिन दुकानों को सरकार स्वयं कमर्शियल बिजली कनेक्शन, फूड लाइसेंस, माप तौल प्रमाण पत्र, जीएसटी पंजीकरण और एमएसएमई जैसे प्रमाण पत्र जारी करती है, उन्हीं दुकानदारों को आज अवैध बताकर नोटिस, सीलिंग और जुर्माने का शिकार बनाया जा रहा है। यह सीधा-सीधा व्यापारियों के साथ धोखा और विश्वासघात है। श्री लोकेश अग्रवाल आज हनुमान चौक स्थित चौंबर ऑ$फ कॉमर्स में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा कि आवासीय कॉलोनियों में संचालित छोटी दुकानों के साथ हो रहा उत्पीड़न सरकार की नीतिगत विफलता और दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

लोकेश अग्रवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार तुरंत स्पष्ट करे कि जब वह कॉलोनियों में व्यवसाय को मान्यता नहीं देना चाहती तो फिर कमर्शियल बिजली कनेक्शन, फुल लाइसेंस, माप तोल विभाग प्रमाण पत्र, जीएसटी नंबर और एमएसएमई पंजीकरण किस आधार पर जारी किए जा रहे हैं? यह दोहरी नीति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही आवासीय कालोनियों में संचालित छोटी दुकानों को नियमित करने का अध्यादेश जारी कर उत्पीड़न बंद नहीं करती, तो संगठन प्रदेश भर में सड़क से सदन तक आंदोलन करेगा। इसके तहत बाजार बंदी, धरना-प्रदर्शन और विधानसभा घेराव सहित बड़े स्तर पर व्यापारी संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि छोटे व्यापारी भीख नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। सरकार को तय करना होगा कि वह व्यापार को प्रोत्साहित करना चाहती है या व्यापारी समाज को कुचलना।
जीएसटी की कमियों की चर्चा करते हुए अलीगढ़ से आये प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रदीप गंगा ने कहा कि जीएसटी स्लैब में कमी करके सरकार ने वाह वाही तो लूट ली लेकिन उसके दुष्परिणाम व्यापारी को कितने झेलना पड़ रहे हैं इसका उसको जरा भी अंदाजा नहीं है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी के नाम पर प्रदेश का छोटा और रिटेल व्यापारी आज खुली लूट और संगठित उत्पीड़न का शिकार है। व्यापार सुगमता के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि ऑनलाइन व्यापार को बढ़ावा देकर छोटे दुकानदारों की रोजी छीनी जा रही है और ऊपर से विभागीय दबाव बनाकर उन्हें जबरन जीएसटी के जाल में फँसाया जा रहा है। सरकार यह स्पष्ट करे कि जब कारोबार गिर रहा है तो छोटे व्यापारी से कर वसूली का आतंक क्यों फैलाया जा रहा है। यह नीति नहीं बल्कि छोटे व्यापार को खत्म करने की साजिश है।

पीलीभीत से आये वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल महेंद्रू ने कहा कि सरकार ने जब जीएसटी की दरें 28 प्रतिशत से 18 और 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत कीं, तब व्यापारियों को भारी नुकसान में झोंक दिया। जो माल अधिक टैक्स पर खरीदा गया, उसे कम टैक्स पर बेचने को मजबूर किया गया और व्यापारियों का हजारों करोड़ रुपया जीएसटी पोर्टल की आईटीसी में फँसाकर रखा गया। व्यापारी अपने ही पैसे के लिए बैंक को ब्याज दे रहा है और सरकार व्यापारियों की पूँजी रोककर बैठी है। यह सीधा आर्थिक शोषण है। यदि यह पैसा तुरंत व्यापारियों के बैंक खातों में नहीं लौटाया गया तो बाजार पूरी तरह ठप हो जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

वृंदावन से आये प्रदेश उपाध्यक्ष श्री आलोक बंसल ने कहा कि जब ई-वे बिल और ऑनलाइन बिलिंग जैसी तकनीकी व्यवस्थाएँ लागू हैं, तब सचल दस्तों का अस्तित्व केवल भ्रष्टाचार और भय का प्रतीक बन चुका है। तकनीकी त्रुटियों और मानवीय भूलों के नाम पर गाड़ियाँ रोकी जा रही हैं, जबरन पेनल्टी वसूली जा रही है और खासकर छोटे व अनरजिस्टर्ड व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। यह व्यवस्था कानून नहीं बल्कि उत्पीड़न का औजार बन चुकी है।
सचल दस्तों के उत्पीड़न की चर्चा करते हुए बुलंदशहर से प्रदेश उपाध्यक्ष श्री दीपू गर्ग ने कहा कि यदि सरकार ने तत्काल सचल दस्ते समाप्त नहीं किए और व्यापारी विरोधी नीतियाँ वापस नहीं लीं तो व्यापारी समाज सड़क से सदन तक निर्णायक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

प्रांतीय संगठन मंत्री राजकुमार त्यागी ने कहा कि उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजीकृत के संगठन को वर्तमान परिस्थितियों में और अधिक सशक्त, व्यापक एवं प्रभावशाली बनाने की नितांत आवश्यकता है। संगठन का उद्देश्य अब केवल जिला अथवा नगर स्तर तक सीमित न रहकर न्यायपालिका स्तर तक व्यापारियों की सशक्त उपस्थिति सुनिश्चित करना है, ताकि व्यापारी समाज को न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर भी संगठित आवाज मिल सके।
फिरोजाबाद से आये प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अमरेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश के ऐसे सभी ग्राम, कस्बे एवं क्षेत्र जहाँ बाजार की संरचना विकसित हो चुकी है, वहाँ अनिवार्य रूप से व्यापार मंडल की इकाइयों का गठन किया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी व्यापारी भी संगठन की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य की पूर्ति हेतु प्रदेश अध्यक्ष द्वारा आगामी एक वर्ष में प्रदेशव्यापी व्यापक दौरा कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरान नई इकाइयों का गठन, संगठन का विस्तार, पदाधिकारियों की नियुक्ति तथा व्यापारी समस्याओं का प्रत्यक्ष संज्ञान लेकर उन्हें शासन-प्रशासन व न्यायिक मंचों तक प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।

बिजनौर से श्री मनोज कुचछल ने कहा कि संगठन विस्तार में यह अभियान संगठन को जमीनी स्तर से लेकर उच्चतम मंच तक मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।
क्रांतिकारी समिति की बैठक में श्री विजेंद्र पंसारी हापुड, प्रेमचंद गुप्ता गाजियाबाद मनोज जी हाथरस गौरव रोहिल्ला शामली सुशील जैन मेरठ सिद्दीकी मेरठ आदि उपस्थित रहे।

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