मेरठ 20 जनवरी (प्र)। ‘स्पेशल-26’ फिल्म में जिस तरह से अभिनेता अक्षय कुमार और उनके साथी फर्जी सेटअप लगाकर सीबीआई इंटरव्यू का ड्रामा करते हैं, उसी तरह प्रदीप गैंग काम कर रहा था। आर्मी समेत कई विभागों में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों की गिरफ्तारी आर्मी इंटेलिजेंस के इनपुट पर सदर पुलिस ने की है। यह गिरोह ‘स्पेशल-26’ की तरह भर्ती कार्यालय का सेटअप बना अभ्यर्थियों को झांसा देता था। इन्हें मेडिकल में पास दिखाकर फर्जी बनाए एडमिट कार्ड उपलब्ध कराता था।
पुलिस लाइन मेरठ में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया मेरठ कैंट क्षेत्र में अस्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में रविवार को 1600 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। 19 को फर्जी एडमिट कार्ड के साथ पकड़ा गया। खुलासा हुआ कि इनको प्रदीप, हिमांशु, संदीप, बिजेंद्र, नीरज, रोहित और हरजीत ने एडमिट कार्ड उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने बिजेंद्र निवासी रोहतक, हरजीत निवासी मोहाली, रोहित निवासी सिंभावली हापुड़, नीरज निवासी मेरठ को गिरफ्तार किया। मुकदमे में सात आरोपी प्रदीप, हिमांशु, संदीप उर्फ एडवोकेट, सतीश, धर्मेंद्र और प्रताप को वांटेड दिखाया है।
पूछताछ में खुलासा हुआ आर्मी क्षेत्र या आसपास ही यह गिरोह सेटअप बनाता था, जहां भर्ती प्रक्रिया के दौरान मेडिकल कराने का ड्रामा किया जाता था। रोहित रुड़की में आर्मी में अस्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मी रहा है। उसे लेह में काम करने के दौरान आर्मी वालों ने जैकेट पहनने के लिए दी थी। इसी जैकेट को पहनकर वह अभ्यर्थियों को झांसे में लेता था।
रोहित से पूर्व में भर्ती के नाम पर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी हो चुकी है। हिमांशु ने रोहित से संपर्क किया और उसका परिचय प्रदीप से कराया। प्रदीप एक अभ्यर्थी लाने पर 5 से 10 हजार रुपये देता था। एडमिट कार्ड देने का काम रोहित का था और उसे भी 5 से 8 हजार रुपये हर एडमिट कार्ड पर मिलते थे।
