Tuesday, February 10

जुर्रानपुर रेलवे फाटक पर पंद्रह साल से पुल हवा में लटका, इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट अधर में अटका

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मेरठ 03 फरवरी (प्र)। जुर्रानपुर रेलवे फाटक पर पंद्रह साल से रेलवे लाइन पर पुल हवा में लटका हुआ है। इसे जमीन पर उतारने की कवायद दम तोड़ रही है। यह इनर रिंग रोड का हिस्सा है। साल 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का शिलापट भी लगा है। इस बीच बसपा और सपा सरकार सूबे में रहीं और भाजपा का भी दूसरा कार्यकाल आ गया है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया।

शहर को जाम से मुक्त करने के लिए इनर रिंग रोड का प्रस्ताव मेरठ महायोजना- 2021 में लाया गया था यह महायोजना 2006 में बनकर तैयार हुई थी। इसके तहत इनर रिंग रोड से हापुड़ रोड को दिल्ली रोड, एनएच-58 को जोड़ा जाएगा। इनर रिंग रोड जुर्रानपुर फाटक से शताब्दीनगर आवासीय योजना, दिल्ली रोड और वेदव्यासपुरी योजना से एनएच-58 को सीधे मिलाएगी। इनर रिंग रोड करीब 5.70 किलोमीटर लंबी व 24 मीटर चौड़ी होगी। हापुड़ रोड से शताब्दीनगर तक 1.20 किलोमीटर और दिल्ली रोड से 4.50 किलोमीटर के दो हिस्से होंगे।

मेडा के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना का कहना है कि इनर रिंग रोड का एलाइनमेंट सर्वे कार्य पूरा हो गया है। अभी तक लोनिवि को जमीन अधिग्रहण और निर्माण करना था। इसके लिए मेडा अवस्थापना निधि से 100 करोड़ रुपये लोनिवि को देता। लोनिवि की ओर से विशेषज्ञों के न होने और नई टाउनशिप के लिए प्राधिकरण द्वारा जमीन अधिग्रहण किए जाने का हवाला देते हुए मेडा से ही जमीन अधिग्रहण की सिफारिश की गई है। कमिश्नर के निर्देश पर अब नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में पारित कराया जाएगा। इसके बाद शासन को भी अवगत कराते हुए अवशेष 62 करोड़ रुपये की मांग भेजी जाएगी।

इन गांवों से ली जानी है जमीन
इनर रिंग रोड के लिए पांच गांवों रिठानी, सुंदरा उर्फ पूठा, मोहम्मदपुर गुम्मी, जुनपुर और जाहिदपुर कढेरा की जमीन अधिग्रहण की जाएगी। इसमें 1.20 किलोमीटर लंबे सेक्शन मार्ग के लिए रिठानी और पूठा गांव की 27612 वर्गमीटर और 4.50 किलोमीटर लंबे सेक्शन मार्ग के लिए मोहम्मदपुर गुम्मी जुरारनपुर, बुद्धेरा जाहिदपुर गांव की 1 लाख 19 हजार 444 वर्गमीटर जमीन खरीदी जाएगी।

इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट की स्थिति
■ इनर रिंग रोड की कुल लंबाई लगभग 34.19 किलोमीटर है।
■ मेडा अब नई टाउनशिप की तरह ही खुद किसानों से जमीन खरीदेगा।
■ इस खंड के बनने से हापुड़ बुलंदशहर हाईवे दिल्ली रोड और दून हाईवे से सीधे जुड़ सकेगा।
■ पहले चरण में प्राधिकरण की वेदव्यासपुरी योजना से दिल्ली रोड (1.20 किमी) और दूसरे चरण में दिल्ली रोड शताब्दीनगर योजना से हापुड़ रोड (4.50 किमी) तक निर्माण प्रस्तावित है।
■ इनर रिंग रोड पर दो फ्लाईओवर और दो आरओबी भी बनाए जाएंगे। प्राधिकरण 45 मीटर के स्थान पर वर्तमान में 24 मीटर चौड़े मार्ग का निर्माण करेगा और 10.50 मीटर जमीन हाईवे के लिए आरक्षित करेगा।

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