मेरठ, 10 फरवरी (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। एसआइआर अभियान के दौरान किठौर विधानसभा क्षेत्र के गांव बड़ागांव अमीनाबाद में एक बूथ पर मतदाता सूची में दर्ज 200 नामों पर आपत्ति फार्म प्राप्त होने से अफरातफरी मची है। इस मामले का वीडियो सोमवार को प्रसारित होने पर जिला प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी ने किठौर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को इसकी जांच सौंपी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में बीएलओ की भूमिका संदिग्ध है। जांच में दोषी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रसारित वीडियो में आरोप लगाया कि बीएलओ ने साजिश करके ये 200 फार्म एकत्र किए हैं। सभी 200 लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से काटने की तैयारी है। प्रसारित वीडियो और आरोपों की जानकारी होने पर जिलाधिकारी डा. वीके सिंह ने किठौर विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) को इसकी जांच सौंपी है। जिलाधिकारी ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र का यह बूथ संख्या 79 है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बीएलओ ने षड्यंत्र कर ये 200 फार्म 07 (मतदाता सूची में शामिल नाम पर आपत्ति) एकत्र किए हैं। ऐसी आपत्तियों की सात दिन में जांच का नियम है।
सही मतदाता का नाम कोई नहीं काट सकता और फर्जी मतदाता का नाम जुड़ पाना अब मुश्किल है। अभी तक एक भी मतदाता का नाम सूची से नहीं काटा गया है। बीएलओ द्वारा दोषपूर्ण और भ्रामक कार्रवाई की गई है। जांच में आरोप साबित होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मतदाता सूची में दर्ज 200 नामों पर आपत्ति फार्म प्राप्त होने से अफरातफरी मची
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