मेरठ 04 फरवरी (प्र)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कालेजों में कथित भ्रष्टाचार, अवैध शुल्क वसूली और शैक्षणिक अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन बुद्धवार को उग्र हो गया। मेरठ कालेज से विश्वविद्यालय परिसर की ओर बढ़ रही छात्र रैली को पुलिस ने कमिश्नरी चौराहे के पास गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प हो गई।


छात्र नेता विजित तालियान के नेतृत्व में निकली रैली में शहर के विभिन्न कालेजों के छात्र शामिल होने वाले थे। सुबह 11 बजे निर्धारित रैली से पहले ही पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी थी। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर अपनी मांगें रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया। इस दौरान कई बार धक्का-मुक्की और कहासुनी हुई। अंततः पुलिस ने विजित तालियान सहित अन्य छात्रों को मेरठ कालेज से पकड़कर पुलिस लाइन ले गई।
छात्रों का आरोप है कि निजी कालेजों में दो-चार कमरों में बिना योग्य शिक्षकों के पढ़ाई कराई जा रही है और प्रवेश के बाद प्रैक्टिकल फीस, इंटर्नशिप लेटर, फैकल्टी परिवर्तन और अन्य मदों में हजारों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। विश्वविद्यालय स्तर पर जांच समितियां बनने के बावजूद अब तक किसी भी कालेज पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप भी लगाया गया।
आंदोलनकारी छात्रों ने यह भी दावा किया कि आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से पुलिस ने सोमवार रात से ही अभियान चलाकर कई छात्र नेताओं को लोहियानगर, मेडिकल सहित अन्य थानों में बैठा लिया था। छात्रों का कहना है कि यदि अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार भी छीना गया तो छात्र राजनीति और छात्र हितों की आवाज धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
छात्रों ने कुलपति को देने के लिए तैयार किए गए ज्ञापन में निजी कालेजों की व्यापक जांच, अवैध शुल्क वसूली पर सख्त कार्रवाई, शिकायतों के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर हेल्पलाइन, मेधावी व खेल प्रतिभाओं को फीस में राहत, छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था में सुधार, मेस टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वविद्यालयीय संसाधनों के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाईं।
विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है, जबकि छात्रों ने मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
