मेरठ 05 फरवरी (दैनिक केसर खुशबू टाइम्स)। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) ने 5 फरवरी 2026 को सुबह 7.45 बजे एक व्यापक अखिल भारतीय सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के हाथ की स्वच्छता अभियान का आयोजन किया, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं के कर्मियों ने भाग लिया। यह अभियान सैन्य नर्सिग सेवा (एमएनएस) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे समारोहों का एक हिस्सा था। यह पहल भारतीय अभिलेख पुस्तिका और एशियाई अभिलेख पुस्तिका के सहयोग से की गई थी, जिसका उद्देश्य रक्षा कर्मियों द्वारा आयोजित सबसे बड़े सामूहिक हाथ की स्वच्छता अभियान का रिकॉर्ड बनाना था।
ब्रिगेडियर विक्रम पात्रा, कमांडेंट, एमएच मेरठ के कुशल मार्गदर्शन में एमएच मेरठ के स्वास्थ्य कर्मियों ने मिलिट्री हॉस्पिटल मेरठ के ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित अखिल एएफएमएस हैंड सैनिटाइजेशन अभियान में भाग लिया। इस अभियान में अस्पताल, मिलिट्री डेंटल सेंटर और पास के फील्ड अस्पताल के मेडिकल, डेंटल और नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और नागरिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो स्वच्छता और रोगी देखभाल के उच्च मानकों को बनाए रखने के प्रति स्वास्थ्य पेशेवरों की सामूहिक जिम्मेदारी को उजागर करता है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य रोगी सुरक्षा के मूलभूत उपाय के रूप में हाथ की स्वच्छता के महत्व को सुदृढ़ करना और अस्पताल में होने वाले संक्रमणों की रोकथाम के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित मानकीकृत हाथ की स्वच्छता प्रोटोकॉल का पालन किया, जिसके बाद नैदानिक परिस्थितियों में सही हाथ की स्वच्छता प्रथाओं पर जोर देने वाले संवादात्मक प्रदर्शन और जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। विश्वभर में स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अस्पताल से होने वाले संक्रमण एक महत्वपूर्ण चुनौती बने हुए हैं, जो मरीजों के स्वास्थ्य परिणामों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, एएफएमएस संरचित प्रशिक्षण, प्रोटोकॉल के पालन और व्यवहारिक सुदृढ़ीकरण के माध्यम से संक्रमण की रोकथाम पर लगातार जोर दे रहा है। हैंड सैनिटाइजेशन अभ्यास इन सिद्धांतों को व्यवहार में प्रदर्शित करने का एक व्यावहारिक उदाहरण था।
यह पहल सैन्य नर्सिग सेवा की अटूट विरासत को दर्शाती है, जिसने पिछले एक सदी से शांति, युद्ध और मानवीय सहायता अभियानों में नर्सिंग देखभाल के क्षेत्र में अनुशासन, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। संक्रमण नियंत्रण और रोगी सुरक्षा को बढ़ावा देकर, इस आयोजन ने उन मूल मूल्यों को सुदृढ़ किया है जो एमएनएस की स्थापना से ही इसकी पहचान रहे हैं।
शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में, सैन्य नर्सिंग सेवा को सम्मानित करने के लिए एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया गया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सैन्य अभियानों में एमएनएस कर्मियों के योगदान और बलिदानों को दर्ज करने वाली एक युद्ध डायरी संकलित की गई, जिससे उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सके।
