मेरठ 11 फरवरी (प्र)। दिल्ली- देहरादून हाईवे को चार से छह लेन चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। डीपीआर तैयार होने में लगभग दो-तीन महीने लग सकते हैं। हालांकि मार्च तक डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मैसर्स एफपी इंडिया प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड डीपीआर के लिए सर्वे कर रही है। वहीं, केंद्रीय मंत्रालय ने मुजफ्फरनगर में हाईवे पर फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण के लिए 419.47 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को इस बाबत स्वयं एक्स पर पोस्ट की है। दिल्ली से लेकर देहरादून तक लगभग 250 किलोमीटर लंबा हाईवे बना है। यह हाईवे वर्ष 2009 में कई हिस्सों में चार लेन बनाया गया था। वर्तमान में हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है, जिसके चलते इसको छह लेन में करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने केंद्रीय मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी थी। केंद्रीय सड़क एवं जहाज रानी मंत्रालय ने हाईवे को छह लेन करने के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। यदि सभी प्रक्रिया क्रमवार तेजी से संपन्न हुईं तो टेंडर प्रक्रिया के बाद कार्य आवंटन होने तक लगभग एक वर्ष का समय लग जाएगा। इसके बाद कम से कम डेढ़ साल उसे पूर्ण करने की समय सीमा दी जाएगी। यानी इसके लिए कम से कम ढाई-तीन साल तक इंतजार करना पड़ेगा। पूरे मार्ग पर 20 नए अंडरपास बनाए जा सकते हैं। मंसूरपुर में हाईवे को लगभग डेढ़ किमी तक एलिवेटेड किया जा सकता है। लक्ष्य है कि लगभग सभी कट बंद करके उन पर अंडरपास बनाए जाएं। जहां आवश्यक होगा वहां फ्लाईओवर बनेगा।
वहीं, वर्ष 2021 में तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजा था। साथ ही प्रदेश के कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने नितिन गडकरी से मिलकर हाईवे पर मुजफ्फरनगर बाईपास के आरंभिक भाग पर फ्लाईओवर, अंडरपास की मांग रखी थी। साथ ही बिलासपुर कट समेत विभिन्न स्थानों पर फ्लाई ओवर और अंडरपास बनाने की मांग रखी थी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने मांग को स्वीकृत कर 419.47 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना को स्वीकृति दी है।
राज्य मंत्री कपिल देव ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मुजफ्फरनगर बाईपास के वहलना बाईपास, संधावली कट पर छह लेन फ्लाईओवर का निर्माण होगा। साथ ही इसके सहायक मार्गों का विकास किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन तक चौड़ा किया जाएगा। दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पाट) पर अंडरपास का निर्माण भी होगा।
